सोमवती अमावस्या 16 को : महिलाएं पति की सुख समृद्धि की कामना को लेकर करेंगे पीपल वृक्ष की पूजा
Kunwar Diwakar Singh
Sun, Jun 14, 2026
फखरपुर, बहराइच। भारत हमेशा से ही त्योहारों एवं उत्सव महोत्सव का देश रहा है। जिसमें तरह-तरह के रंग बिरंगे त्यौहार एवं उत्सव समय-समय पर मनाये जाते रहे हैं। उसी क्रम में एक बहुत ही सुंदर एवं पवित्र सोमवती अमावस्या का त्यौहार भी उसमें से एक है। जिसको सुहागन स्त्री बड़ी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाती है। पं. आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री महाराज ने बताया कि काशी का शुद्ध महावीर पंचांग के अनुसार स्नान दान एवं श्राद्ध के लिए अमावस्या तिथि 14 जून को दिन में 11ः14 से प्रारंभ होगी किंतु अमावस्या 15 जून दिन सोमवार को प्रातः 8ः46 तक रहेगी। पुराण के अनुसार उदया तिथि का मान संपूर्ण दिन रहेगा जो तीर्थ, नदियों, सरोवरों पर विशाल जन समुदाय स्नान दान करते देखा जाएगा। संपूर्ण भारत में बड़े धूमधाम एवं हर्ष के साथ मनाई जा रही सोमवती अमावस्या में स्त्रियां पति की सुख समृद्धि की कामना से पीपल वृक्ष की जड़ में भगवान विष्णु की प्रतिष्ठा मनाते हुए विधि विधान से पूजा करती है एवं विहित मंत्र अश्वतथ मूले एवं ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का उच्चारण करते हुए पीपल वृक्ष की108 परिक्रमा पति की लंबी उम्र की कामना से करती हैं।
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