: समस्याओं पर भड़के फुटकर खाद विक्रेता, ज्ञापन सौंपकर की निराकरण की मांग
Admin
Fri, Nov 8, 2024
फुटकर खाद विक्रेताओं को थोक खाद विक्रेताओं से सरकारी रेट पर खाद व बीज उपलब्ध कराया जाये
फुटकर खाद विक्रेताओं ने समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन डीएम को सौंपा
बहराइच। जनपद के फुटकर खाद विक्रेताओं ने समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर निराकरण की मांग की। फुटकर खाद विक्रेताओं को थोक खाद विक्रेताओं से सरकारी रेट पर खाद, बीज उपलब्ध कराया जाये। फुटकर खाद विक्रेताओं को डीएपी, यूरिया व अन्य उत्पादो पर प्रति बोरी भाड़ा व मुनाफा निर्धारित किया जाये जैसे कोआपरेटिव व खाद्य एवं रसद विभाग में है। समान कार्य समान कमीशन निर्धारित हो। जिले में थोक खाद विक्री स्टाक की पारदर्शिता फुटकर खाद खरीद चेक या ड्राफ्ट द्वारा सरकार निर्धारित रेट पर जिलाधिकारी के माध्यम से क्रय कराया जाये जिससे किसानों को सरकार के मंशानुरूप खाद बीज उपलब्ध हो सके। थोक खाद विक्रेता जिले के फुटकर खाद लाइसेंसधारियों को सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर आवंटित करे तथा अन्य उत्पाद जबरन टैगिंग न करे। फुटकर खाद विक्रेताओं को फाइव जी नेटवर्क की पीओएस मशीन दी गई है। जिसका जनपद में नेटवर्क न मिल पाने के कारण खाद बिक्री बाधित होती है। पीओएस मशीन न चलने की दशा में कृषि विभाग द्वारा जारी क्रय विक्रय रजिस्टर से किसानों को खाद देने की अनुमति प्रदान की जाये। कृषि विभाग द्वारा दुकानों का निरीक्षण व परीक्षण कराया जाये। अन्य विभागों को आदेशित करने पर रिटेलरों का शोषण होता है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारीगण राजस्व विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की धमकी देकर रिटेलरों का मानसिक तथा अन्य प्रकार से शोषण करते है। जनपद में सरकारी खाद एवं बीज केन्द्रों पर सरेआम टैंिगंग करते हुए ओवर रेट बेचा जा रहा है जिस पर कृषि विभाग अंकुश नहीं लगा पा रहा है। सभी खाद बीज गोदामों पर बेचा गया खाद बीज का स्थलीय जांच कराकर कृषि विभाग के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाये। पूर्व जिला कृषि अधिकारी द्वारा गत वर्ष थोक खाद बीज विक्रेताओं को सरकारी रेट पर खाद बीज उपलब्ध कराते थे परन्तु इस बार थोक खाद विक्रेता सरकारी रेट से 150 रूपये प्रति बोरी डीएपी व 40 रूपये प्रति बोरी यूरिया अधिक में फुटकर खाद विक्रेताओं को खाद उपलब्ध कराने को बोल रहे है। ऐसे में हम सब फुटकर खाद विक्रेता कैसे किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध करा पायेगे।
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