: जयंती पर याद किए गए हार्डिकर व गुरू रवीन्द्र नाथ
Sun, May 7, 2023
विचार गोष्ठी आयोजित
बहराइच। सेवादल के संस्थापक डाक्टर नारायण सुब्बाराव हार्डिकर के 134वें तथा विश्व कवि गुरु रवींद्र नाथ के 162 वें जयंती पर कांग्रेस सेवादल प्रशिक्षण स्थल ग्राम पंचायत बरगदही नेजाभार मे जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में वन्देमातरम् दिवस के रुप में मनाते हुए ‘‘सेवा, समर्पण और अनुशासन तथा वर्तमान युवा पीढ़ी पर आधारित विचार गोष्ठी आयोजित किया गया। उक्त गोष्ठी में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के प्रशिक्षक विनय सिंह ने कहा कि डाक्टर नारायण सुब्बाराव हार्डिकर सम्पूर्ण भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठन हिन्दुस्तानी सेवादल के निर्माता के तौर पर विश्व विख्यात हैं! उनका जन्म धारवाड़(कर्नाटक प्रदेश) में 7 मई 1889 में हुआ था। बाल्यकाल से ही वे स्वदेशी आन्दोलन में रुचि लेने लगे थे! राजनीतिक विचारधारा में तथा सामाजिक कार्य के लिए उन्होंने बाल गंगाधर लोकमान्य तिलक से प्रेरणा ली थी। 1921मे उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में कूद कर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी में मंत्री के तौर पर कार्य करते हुए 1923 से 1947 तक तिलक कन्या विद्यालय, पूना राष्ट्र सेवादल, भारत सेवादल, हिन्दुस्तानी सेवादल, कर्नाटक हेल्थ इंस्टीट्यूट आदि को स्थापित किया। जिसमें हिन्दुस्तानी सेवादल की स्थापना 1923 में नागपुर के जेल में झण्डा सत्याग्रह के दौरान हुआ था। उनके राष्ट्र प्रेम, सामाजिक कार्यों तथा सादगी पूर्ण जीवन से हमें भी देश के लिए समर्पण की प्रेरणा मिलती है! उन्होंने गुरु रवींद्र नाथ टैगोर को संस्कृति, साहित्य, और संगीत के साथ साथ विश्व का सर्वोच्च शिखर बताते हुए कहा कि रवींद्र नाथ टैगोर जी को गुरुदेव की उपाधि महात्मा गांधी ने दी थी, और राष्ट्रगीत जन गण मन अधिनायक जय हे की रचना रवींद्र नाथ टैगोर जी ने ही किया था! उनका जन्म सन्1 861 में कलकत्ता में हुआ था। अपने अध्यक्षीय संबोधन में जिलाध्यक्ष रमेश चन्द्र मिश्र ने कहा कि डाक्टर एन एस हार्डिकर 1941 मे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आमंत्रण पर कांग्रेस सेवादल की पुनर्रचना के कार्य संचालक की जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए 1952से 1962तक राज्य सभा के सदस्य रहे, भारत सरकार ने उनकी सेवाओं के अनुरूप सन् 1960 में उन्हें पदम् श्री पुरस्कार से अलंकृत किया था। उन्होंने कहा कि विश्व कवि रवींद्र नाथ टैगोर को उनकी कृति गीतांजलि पर 1913 में नोबेल पुरस्कार मिला था। 1901मे उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना की थी जो अपनी तरह का शिक्षा का अद्भुत प्रयोग था। गांधी जी को महात्मा पहली बार रवींद्र नाथ टैगोर ने ही कहा था। वे नेता जी सुभाष चंद्र बोस को बहुत मानते थे! बिट्रिश शासन ने उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी थी जिसे उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में लौटा दिया था। 1918 मे उन्होंने विश्व भारती विश्व विद्यालय की स्थापना की थी। बांग्लादेश ने उनकी रचना ‘‘आभार ‘‘ सोनार बांग्ला ‘को राष्ट्र गान बनाया है! संचालन कांग्रेस सेवादल के पूर्व जिलाध्यक्ष इन्द्र कुमार यादव ने किया। गोष्ठी में कांग्रेस नेता मूलचन्द राव, मोहम्मद इशारत खान, बैजनाथ चौधरी, दुर्गेश सिंह, श्याम पाठक, अवधराज पासवान, बाबूराम गोस्वामी, नंद कुमार रावत, प्रदीप कुमार पाण्डेय, बंटू सचिन, अनिमेष पाण्डेय, नरेन्द्र शास्त्री सहित कई लोगों ने अपने अपने विचार ब्यक्त किए।
: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सम्पन्न होगा जेठ मेला
Sat, May 6, 2023
समुचित साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल इत्यादि के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये निर्देश
पूरे मेला क्षेत्र में सीसी टीवी कैमरों से होगी निगरानी
बहराइच। सै. सालार मसऊद गाज़ी रह. की दरगाह पर 11 मई से 11 जूनएक माह की अवधि तक चलने वाले सालाना जेठ मेले में कानून व शान्ति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सीसी टीवी कैमरों के माध्यम से चौकसी रखी जाय। इसके अलावा तपती गर्मी के बीच प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले मेले में आग लगने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मेलार्थियों को अपने साथ गैस सिलेण्डर व ज्वलनशील पदार्थ न लाने तथा पूरे मेला परिक्षेत्र को प्लास्टिक की थैली से मुक्त रखने का निर्णय लिया गया। डीएम ने प्रबन्ध समिति को सुझाव दिया कि मेला परिक्षेत्र सहित रोडवेज़, रेलवे स्टेशन इत्यादि स्थानों में स्वयं सेवक की तैनाती कर दें ताकि मेलार्थियों को कोई दिक्कत न हो। सालाना जेठ मेले को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के लिए कानून एवं शान्ति व्यवस्था तथा अन्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र ने जिला प्रशासन और दरगाह प्रबन्ध समिति के सदस्यों को बेहतर तालमेल के साथ कार्य कर समय से पूर्व ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं, मेलार्थियों को कोई असुविधा न हो। शुष्क मौसम को देखते हुए मेला क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था के लिए नगर पालिका परिषद व जल निगम को निर्देश दिया गया कि संयुक्त रूप से मेला परिसर में उपलब्ध संसाधनों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित करें कि सभी इण्डिया मार्का-टू हैण्डपम्प व स्टैमपोस्ट चालू हालत में हों। डी.एम. ने यह भी निर्देश दिया कि आवश्यकता के अनुसार यदि नये संसाधनों की आवश्यकता हो तो इसके लिए तत्काल व्यवस्था कर लें। मेला क्षेत्र में आग की घटनाओं के प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी ने प्रबन्ध समिति को निर्देश दिया कि मेलार्थियों से अपील की जाय कि वह गैस सिलेण्डर के साथ मेले में न आयें और सभी दुकानदार बालू बकेट व पानी की बाल्टी ज़रूर रखेंगे। पुलिस अधीक्षक द्वारा सुझाव दिये गये कि अग्नि काण्ड की घटनाओं पर अंकुश लगाये जाने के दृष्टिगत कुकिंग स्थानों पर कपड़ा, प्लास्टिक के स्थान पर टीनशेड के प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाय। अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया कि आग की दुर्घटना को नगण्य किये जाने के उद्देश्य से पूरे मेला परिक्षेत्र का भ्रमण कर यह सुनिश्चित करें कि सभी हाइडेन्ट चालू हालत में हों। इसी सन्दर्भ में विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र में विद्युत का कोई वायर, पोल झूलता हुआ न रहेे, इलेक्ट्रिकल मानकों का परीक्षण फुल प्रूफ व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाय। इसी संदर्भ में मनोरंजन कर अधिकारी, लो.नि.वि., अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सुरक्षा मानकों का अनुपालन कराते हुए सेफ्टी प्रमाण-पत्र उपलब्ध करायेंगे। जिलाधिकारी ने दरगाह प्रबन्ध समिति को सुझाव दिया कि दरगाह मेले के इश्तेहार में इस बात की लोगों से अपील की जाय कि वह अपने साथ गैस सिलेण्डर व अन्य ज्वलनशील पदार्थ अपने साथ लेकर न आयंे। उन्होंने पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों को जॉच अभियान संचालित कर ज्वलनशील पदार्थों के मेला परिसर में लाने पर प्रभावी अंकुश लगाने का निर्देश दिया। मेलार्थियों से ज्यादा मुनाफा वसूली न की जा सके इसके लिए डी.एम. ने रेट लिस्ट प्रदर्शित किये जाने तथा खाद्य पदार्थों की क्वालिटी चेक करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को मेला अवधि में नियमित रूप से सैम्पुलिंग करने का भी निर्देश दिया। सड़क व रेल मार्ग से आने वाले मेलार्थियों के लिए की गयी व्यवस्थाओं पर चर्चा के दौरान जिलाधिकारी ने सड़क परिवहन निगम व रेलवे के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेलार्थियों की सुविधा के मद्देनज़र बेहतर से बेहतर प्रबन्ध किये जायें। रेलवे को निर्देश दिया गया कि मेला टिकट घर (मुसाफिरखाना) की नगर पालिका के सहयोग से पर्याप्त साफ-सफाई करा दें तथा यहॉ पर भी एक टिकट खिड़की संचालित करें। सड़क परिवहन विभाग को निर्देश दिये गये कि विभाग से समन्वय कर मेला अवधि के लिए पर्याप्त बसों की व्यवस्था कराये ताकि मेले में आने-जाने वाले मेलार्थियों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों तथा दरगाह प्रबन्ध समिति के पदाधिकारियों के साथ मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर विभाग अन्तर्गत की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायज़ा लेकर मेला प्रारम्भ होने से पूर्व ही साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, प्रकाश एवं आवागमन के मार्गों इत्यादि की आवश्यक मरम्मत का कार्य पूर्ण करा दें। डीपीआरओ को निर्देश दिये गये कि चित्तौरा व अनारकली झील की पर्याप्त साफ-सफाई करा दी जाय। पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा ने कहा कि मेला अवधि में गुड पुलिसिंग व्यवस्था के बन्दोबस्त किये जायेंगे। मेला परिसर को प्लास्टिक थैलों के उपयोग से मुक्त रखने के लिए डीएम ने प्रबन्ध समिति को निर्देश दिया कि कागज़ के लिफाफों, कुल्हड़ इत्यादि की व्यवस्था की जाय। मेला को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के लिए नगर मजिस्ट्रेट को ओवर आल प्रभारी नामित किया गया है। बैठक के दौरान दरगाह प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष सै. शमशाद अहमद एडवोकेट ने दरगाह प्रबन्ध समिति की ओर से की गयी व्यवस्थाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी उपलब्ध करायी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिरूद्व प्रताप सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक नगर कुंवर ज्ञानन्जय सिंह, नगर मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एस.के. सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर राजीव सिसौदिया, सीओ यातायात इरफान अहमद, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत सुरेश कुमार, डीपीआरओ उमाकान्त पाण्डेय, ईओ नगर पालिका परिषद बाल मुकुन्द मिश्रा, अभिहित अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, एलआईयू इस्पेक्टर रजनीश राठी, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, डॉ मो. आलम सरहदी, दरगाह प्रबन्ध समिति के सदस्य दिलशाद अहमद (एड) अब्दुल रहमान, बच्चे भारती, हाजी अजमतउल्लाह, मकसूद अहमद रायनी, इकराम खान व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: नहर में नहा रहा युवक डूबा
Sat, May 6, 2023
स्थानीय गोताखोरों द्वारा तलाश जारी
बिछिया, बहराइच। कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक बकरी चराने गया। गर्मी लगने पर वह सरयू नहर में नहाने लगा। नहाते समय पैर फिसलने से वह नहर में डूब गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक युवक का पता है चल सका। जिले के कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत ग्राम पंचायत हरखापुर निवासी 20 वर्षीय फैशन उर्फ इनायत कुरैशी पुत्र चुन्ना कुरैशी शनिवार सुबह 10 बजे बकरियों को चराने के लिए नहर के तट पर गया। बकरियों को चराने के दौरान युवक हरखापुर सेमरी घटही के बीच स्थित धोबिया घाट नहर में गर्मी लगने पर नहाने चला गया। नहाते समय पैर फिसलने से युवक गहरे पानी में चला गया। आसपास के लोगों की सूचना पर परिवार के लोग पहुंचे तो मौके पर चप्पल मिली। इस पर परिवार के लोग रोने लगे। सभी ने पुलिस को सूचना दी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश की जा रही है। लेकिन अभी तक युवक का पता नहीं चल पाया है।