: त्यौहार पर किसी नई परम्परा की नहीं होगी शुरूआतः डीएम
Thu, Jun 13, 2024
डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जिला शान्ति समिति की बैठक
बहराइच। ईदुज्जुहा (बकरीद) त्यौहार व गंगा दशहरा को शान्तिपूर्ण ढ़ंग से सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने के मद्देनजर जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय शान्ति समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मौजूद सम्भ्रान्तजनों द्वारा आश्वस्त किया गया कि आसन्न त्यौहारों को शासन-प्रशासन की गाईडलाइन व दिशा निर्देशों का पालन करते हुए गत वर्षों की भांति सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जायेगा। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सम्भ्रान्तजनों व धर्म गुरूओं की ओर से साफ-सफाई, बिजली, पानी इत्यादि के सम्बन्ध में जो महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं उसका समय से निराकरण कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि शान्ति समिति की बैठक का उद्देश्य यही है कि संभ्रान्तजनों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किया जाय और उसका समय से निराकरण कराया जाय। डीएम ने अधिशासी अधिकारियों व डीपीआरओ को निर्देश दिया कि नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित साफ-सफाई विशेषकर धार्मिक स्थलों के आस-पास पर्याप्त साफ-सफाई करा दें। उन्होंने मौजूद लोगों का आहवान करते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था में सभी की सहभागिता आवश्यक है। इस कार्य में सभी लोग भरपूर सहयोग देते हुए ग्रामीण व नगर क्षेत्र को साफ-सुथरा बनाये रखने मंे सहयोग करें। डीएम ने त्यौहार के अवसर पर नियमित जलापूर्ति व विद्युत आपूर्ति के लिए भी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। डीएम मोनिका रानी व पुलिस अधीक्षक बृन्दा शुक्ला ने कहा कि सभी लोग एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए भाईचारे के साथ त्यौहार को मनायें। असामाजिक तत्वों से सावधान रहें, यदि कोई अप्रिय बात हो तो उच्च अधिकारियों के संज्ञान में अवश्य लायें। डीएम व एसपी ने कहा कि त्यौहार के अवसर पर किसी नई परम्परा की अनुमति नहीं होगी। त्यौहार को पारम्परिक ढंग से मनायें, निर्धारित स्थलों पर ही कुर्बानी की जाय। प्रतिबन्धित जानवरो की कुर्बानी न की जाय तथा अवशेष का सम्मानजनक ढंग से निस्तारण किया जाय। सड़कों पर धार्मिक आयोजन न किये जायें तथा ध्वनि विस्तारक यन्त्रों का प्रयोग करने में शासन के दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। डीएम व एसपी ने कहा कि शरारती व असामाजिक तत्वों पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। किसी को कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं होगी। गुड पुलिसिंग व्यवस्था रहेगी परन्तु माहौल को खराब करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई की जायेगी। सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की भ्रामक व भड़काऊ पोस्ट डालने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। बैठक के दौरान एसडीएम व सीओ को निर्देश दिया गया कि थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठक कर लें। बैठक के माध्यम से किसी समस्या के संज्ञान में आने पर उसका समय से निराकरण सुनिश्चित कराएं। एसडीएम को ग्रामीण क्षेंत्रो में साफ-सफाई व्यवस्था का पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिये गये। बैठक के दौरान ईशरत महमूद, तेजे खॉ, ज़फर उल्लाह खां बन्टी, लड्डन खां, मौलाना खालिद, राकेश चन्द्र श्रीवास्तव, निशा शर्मा, रूमी मियां, कारी ज़ुबेर, चेयरमैन नगर पालिका परिषद नानपारा अब्दुल वहीद, प्रमुख प्रतिनिधि फखरपुर रणवीर सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, बच्चे भारती सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों से आये हुए धर्मगुरूओं व संभ्रान्तजन द्वारा बिजली, पानी, साफ-सफाई के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण सुझाव दिये गये। बैठक का संचालन मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह ने किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर रामानन्द कुशवाहा व ग्रामीण डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी, नगर मजिस्टेªट शालिनी प्रभाकर, सीएमओ डॉ. राजेश कुमार, एसडीएम सदर राकेश कुमार मौर्या, कैसरगंज के पंकज दीक्षित, महसी अखिलेश कुमार सिंह, नानपारा अश्वनी पाण्डेय, पयागपुर के दिनेश कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, जिला स्तरीय अधिकारी व नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी, धर्मगुरूओ व संभ्रान्तजनों सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: चहलारी नरेश का बलिदान देश व समाज के लिए प्रेरणाश्रोत
Thu, Jun 13, 2024
वीरता की कहानियां पढ़कर चहलारी नरेश को नमन
166वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
शहीद महाराजा बलभद्र सिंह की जीवन गाथा को वर्तमान पीढ़ी के लिए अनुकरणीय
बहराइच। शहर के ठा.हुकुम सिंह किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के जे.बी.सिंह सभागार में गुरूवार को 1857वें स्वतंत्रता संग्राम के महा नायकं चहलारी नरेश महाराजा बलभद्र सिंह के 166वें बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने चहलारी नरेश बलभद्र सिंह के वीरता की कहानियां पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए नमन किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख हुजूरपुर अजीत प्रताप सिंह रहे। जबकि अध्यक्षता ठा.हुकुम सिंह किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सचिव/प्रबन्धक डा.एस.पी.सिंह ने की। विशिष्ट अतिथि महाराजा देवी बक्श सिंह गोण्डा के वंशज माधवराज सिंह रहे। संचालन कवि रईस सिद्दीकी ने किया। अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि अजीत प्रताप सिंह ने कहा कि चहलारी नरेश का बलिदान हमारे लिए सदियों तक प्रेरणा स्रोत रहेगा। उन्होंने जिस बहादुरी के साथ बाराबंकी के ओबरी मैदान में अंग्रेजों की सेना के छक्के छुड़ाये थे वे सदैव अविस्मरणीय रहेगा। अध्यक्षता कर रहे डा.एस.पी.सिंह ने कहा कि चहलारी नरेश महाराजा बलभद्र सिंह ने 1857 के स्वतंत्रता आन्दोलन की जो अलख जगाई थी वह अलख कभी ठण्डी नहीं पड़ी। इसी की बदौलत आज हम आजाद भारत में सांस ले रहे है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि चहलारी नरेश बलभद्र सिंह ने अवध के सारे राजा महराजाओं को एकत्रित कर बाराबंकी के ओबरी मैदान में जिस वीरता के साथ अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ाये थे उस वीरता की कहानी अंग्रेज सेनापति होपग्रांट भी बखान करता है। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाराजा देवी बख्श सिंह के वंशज माधवराज सिंह ने कहा कि चहलारी नरेश का बलिदान कभी भी व्यर्थ नहीं जायेगा। हम सभी को हमेशा उनके बलिदान से प्रेरणा मिलती रहेगी। उन्होंने कहा कि 1857वीं क्रान्ति कोई मामूली क्रान्ति नहीं थी। 1857 आन्दोलन का ही परिणाम रहा कि धीरे-धीरे लोग अंग्रेजी सेना व उनकी हुकूमत के खिलाफ बगावत पर उतर आये और अंत में देश आजाद हुआ। कार्यक्रम में बोलते हुए क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष डा.जितेन्द्र सिंह ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में जब भी वीर योद्धाओं का नाम लिया जायेगा उसमें चहलारी नरेश बलभद्र सिंह का नाम सदियों तक अमर रहेगा। उनकी वीरता की कहानी आज के युवा पीढ़ी को सदैव प्रेरणा देती रहेगी। कार्यक्रम में पहुंचे कवि राम संवारे द्विवेदी चातक, अयोध्या प्रसाद शर्मा नवीन, विमलेश जायसवाल, रईस सिददीकी, पुण्डरीक पाण्डेय, कवयित्री तमन्ना सहित अन्य कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से चहलारी नरेश की वीरता की कहानियां पढ़ी तथा कविताओं द्वारा भी प्रकाश डाला। वहीं कार्यक्रम में चहलारी नरेश उत्तराधिकारी आदित्यभान सिंह द्वारा भी अपनी कविता के माध्यम से चहलारी नरेश बलभद्र सिंह को नमन किया और कहा कि बलभद्दर कय गाथा सब लंदन मईहा गावत है, बिलियम और होपग्रांट सब आपन दैनंदिनी सुनावत है। जो गोरन काटि कै तोप लियो उनकी तिरिया चुपवावत है। धरि धीरज सोय रहव पुतवा नहिं तव बलभद्दर आवत है। कार्यक्रम के दौरान पं.भगवान दीन वैद्य के पौत्र मुन्ना मिश्र, निशा शर्मा, रमेश तिवारी, रत्नाकर सिंह, कुलदीप पाण्डेय, सरजू प्रसाद, अखिलेश प्रताप सिंह गोण्डा, अमर सिंह विसेन, संतोष कुमार सिंह, विष्णु प्रताप सिंह, राजू मिश्र, मुकेश श्रीवास्तव, गया प्रसाद, बाबू लाल वर्मा, अजय त्रिपाठी, विशाल, अरविन्द वर्मा, डा.आनन्द श्रीवास्तव, बादल सिंह, कुवर शिवेन्द्र सिंह, कुंवर अगम सिंह, सहित भारी संख्या में अन्य लोग मौजूद रहे।
: नये कानून के तहत पुलिस करे कार्रवाईः एसपी
Thu, Jun 13, 2024
पुलिस लाइन के प्रेक्षाग्रह में प्रशिक्षण/ कार्यशाला का आयोजन
बहराइच। 01 जुलाई से देश में लागू होने वाले तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता,. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक वृन्दा शुक्ला द्वारा बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन के प्रेक्षाग्रह में प्रशिक्षण/ कार्यशाला का आयोजन किया गया। एसपी द्वारा बताया गया कि 01 जुलाई 2024 से जनपद मे सभी पुलिस कार्यवाही नए कानून के तहत ही की जायेगी। लागू हो इस नए कानून के विषय में पूर्ण जानकारी प्राप्त करें। उक्त कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में प्रशिक्षणाधीन पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती हर्षिता तिवारी द्वारा उपस्थित विवेचकगणो को बताया गया कि 30 जून 2024 तक सभी पुलिस कार्यवाही पूर्व से लागू आईपीसी, सीआरपीसी व साक्ष्य अधिनियम के अनुसार तथा 01 जुलाई 2024 से सभी पुलिस कार्यवाही पुराने कानून के स्थान पर लागू हो रहे उक्त नये कानूनों के अनुसार की जायेगी। नये आपराधिक कानूनों की उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए उपस्थित सभी विवेचनाधिकारियों को इन कानूनों के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी। उक्त कानूनों के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों तथा उसकी उपयोगिताओं के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित समस्त अधिकारी, कर्मचारीगण द्वारा पूर्ण मनोयग से तीनों कानूनों का प्रशिक्षण प्राप्त किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डा.पवित्र मोहन त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार सिंह, प्रशिक्षणाधीन पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती हर्षिता तिवारी एवं जनपद के समस्त थाना प्रभारी, प्रशिक्षणाधीन उप निरीक्षक उपस्थित रहे।