: सोलर पैनल से जगमग होंगे जिले के गौआश्रय स्थल
Thu, Feb 15, 2024
प्रत्येक ब्लाक के 02 आश्रय स्थलों के लिए मांगा गया प्रस्ताव
अभिलेखों के रख-रखाव पर डीएम ने पंचायत सचिव को दी शाबाशी
बहराइच। जिले में संचालित गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण हेतु उपलब्ध करायी गई धनराशि के उपभोग, आश्रय स्थलों की तिथिवार निरीक्षण आख्या, मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालन एवं सहभागिता योजना एवं गोवंशों की ईयर टैगिंग इत्यादि, वृहद गोआश्रय स्थलों के निर्माण के प्रगति की समीक्षा हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मोनिका रानी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विकास खण्ड में आवश्यकता के अनुरूप 02-02 अस्थायी गोआश्रय स्थलों में क्रिटिकल गैप योजना से सोलर पैनल स्थापना के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाय। डीएम ने यह भी सुझाव दिया कि यूपी नेडा विभाग से समन्वय कर आश्रय स्थलों में चारा कटिंग मशीन के संचालन, प्रकाश तथा पेयजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता वाले अच्छी क्वालिटी के सोलर पैनल का प्रस्ताव भिजवाना सुनिश्चित करें। जिले में संचालित गोआश्रय स्थलों के भ्रमण एवं निरीक्षण आख्या की समीक्षा के दौरान डीएम मोनिका रानी ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों व खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि एम सप्ताह के अन्दर समस्त गोआश्रय स्थलों का निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध कराएं। भरण-पोषण धनराशि के उपभोग की समीक्षा के दौरान डीएम ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनपद के समस्त गोआश्रय स्थलों में प्रातःकाल चरी-चारा-भूसा खिलाने के कार्य की वीडियोग्राफी कराकर उसे अभिलेखीय साक्ष्य के रूप में संरक्षित रखा जाय। विकास खण्ड पयागपुर के ग्राम गेंधरिया के गौशाला से सम्बन्धित समस्त पंजिकाओं का निरीक्षण के दौरान योजनावार तैयार किये गये अभिलेखों के रख-रखाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डीएम मोनिका रानी ने पंचायत सचिव महेश प्रताप के कार्यों एवं प्रयासों की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि अन्य सभी गौआश्रय स्थलों पर ऐसे ही अभिलेखो का रख-रखाव किया जाय। गौआश्रय स्थलों में संरक्षित शत-प्रतिशत गोवंशों की ईयर टैगिंग कर उनसे सम्बन्धित पंजिकाओं को भी अद्यतन रखा जाय। डीएम ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में संचालित गो आश्रय स्थल से सम्बन्धित ग्राम सचिवों व ग्राम प्रधानों के माध्यम से गोआश्रय स्थलों पर शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार संरक्षित गोवंशों के लिए भूसा, चारा, पानी, हरा चारा व शेल्टर इत्यादि का प्रबन्ध सुनिश्चित किया जाय। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि मानक के अनुरूप गो आश्रय स्थल पर संरक्षित गोवंशों के उपचार के प्रबन्ध सुनिश्चित कराए जाएं। समस्त बीडीओ को निर्देश दिया गया कि ग्राम के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत लाभार्थियों को दान किये गये गोवंशों के बारे में भी फीड बैक प्राप्त करें तथा राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत ग्राम में गठित स्वयं सहायता समूहों को कृषि आधारित हैण्डीक्राफ्ट के लिए प्रेरित किया जाय। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार पाण्डेय, उपायुक्त मनरेगा के.डी. गोस्वामी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश कुमार उपाध्याय, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: रोजगार मेले में 164 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
Wed, Feb 14, 2024
विकास खण्ड मिहींपुरवा में आयोजित हुआ रोज़गार मेला
बहराइच। राजकीय आईटीआई, उ.प्र. कौशल विकास मिशन एवं जिला सेवायोजन कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान मे पं. दीन दयाल उपाध्याय कौशल्य ग्रामीण योजनान्तर्गत विकास खण्ड सभागार मिहींपुरवा में आयोजित रोज़गार मेले कुल 12 कम्पनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। रोजगार मेले में आये हुए 223 प्रतिभागियों का साक्षात्कार करते हुए 164 बेरोजगार अभ्यर्थियों का चयन किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को जिला सेवायोजन अधिकारी संजय कुमार, संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी सर्वेश कुमार वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर कार्यदेशक संजय अरोरा, मेला प्रभारी धर्मेंद्र कुमार, प्रवीण कुमार, रवि शंकर पाठक, भानु प्रताप, पलटू राम, देवेंद्र बाजपेई, नदीम अहमद, अबू बकर, जिया रिजवी व निरंजन लाल इत्यादि कर्मचारी मौजूद रहे।
: सीएचसी हुज़ूरपुर में मिली अव्यवस्थाओं पर बिफरी डीएम
Wed, Feb 14, 2024
प्रभारी सीएमओ, बीसीपीएम एवं ब्लाक एकाउण्ट मैनेजर का वेतन बाधित
स्वास्थ्य केन्द्र के भवन, परिसर, वार्डों की साफ-सफाई संतोषजनक न पाये जाने पर डीएम ने जतायी कड़ी नाराज़गी
बहराइच। जिलाधिकारी मोनिका रानी ने आकांक्षी विकास खण्ड हुज़ूरपुर में चिरैय्याटांड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, भवन व परिसर की साफ-सफाई, कोल्ड चेन, पेयजल एवं प्रसाधन की व्यवस्था, प्रसव कक्ष, टेक्निशियन कक्ष सहित औषधि वितरण काउण्टर, औषधि कक्ष, ओटीपी एवं वार्डों इत्यादि का सघन निरीक्षण किया तथा अभिलेखों का अवलोकन कर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति से भी रूबरू हुई। अभिलेखों के अवलोकन से ज्ञात हुआ कि जननी सुरक्षा योजना अन्तर्गत लाभार्थियों एवं आशा का भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है। कारण पूछे जाने पर बीसीपीएम एवं ब्लाक एकाउण्ट मैनेजर बगले झांकने पर मजबूर हो गये। जिलाधिकारी ने इस स्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुए अग्रिम आदेशों तक प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी, बीसीपीएम एवं ब्लाक एकाउण्ट मैनेजर का वेतन बाधित किये जाने का निर्देश देते हुए इस बात की सख्त ताकीद की कि शीघ्र से शीघ्र आशा व लाभार्थियों को भुगतान कराना सुनिश्चित करें। अन्यथा की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य केन्द्र के भवन, परिसर, वार्डों इत्यादि की साफ-सफाई संतोषजनक न पाये जाने पर भी डीएम ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए सफाई कर्मियों के बिलों को सत्यापित करने वाले कर्मचारी का वेतन भी अग्रिम आदेशों तक बाधित करने के निर्देंश दिये। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने पाया कि स्वास्थ्य केन्द्र पर सीबीसी व यूरीन एनिलाइज़र उपलब्ध होने के बावजूद उसे अब तक स्थापित नहीं किया जा सका है जिससे सम्बन्धित रोगी चिकित्सकीय उपकरणों के लाभ प्राप्त करने से वंचित हो रहे हैं। डीएम ने प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी व प्रभारी चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य केन्द्र पर उपलब्ध सभी उपकरणों को क्रियाशील रख कर उन्हें जनोपयोग में लाया जाय। वार्डों के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बेड शीट को भी समय से नहीं बदला जा रहा है इस स्थिति पर भी डीएम ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिम्मेदार का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। सीएचसी के निरीक्षण के दौरान डीएम ने वीडीओ कांफ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्र में सीएचओ की उपस्थिति का भी सत्यापन किया। डीएम मोनिका रानी ने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए निर्देश दिया कि चिकित्सालय पर आने वाले सभी मरीज़ों को शासन द्वारा अनुमन्य सभी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जायें।