: आखिरकार 45 वर्षों से विचारधाराधीन जमीन के मुकदमे का हुआ निस्तारण
Admin
Thu, Aug 22, 2024चकबंदी अधिकारी की अदालत द्वारा दिया गया निर्णय
पीड़ित द्वारा राजस्व परिषद में की गई थी शिकायत
बहराइच। बीते 45 वर्षों से विचाराधीन जमीन के एक मुकदमे का निपटारा आखिरकार चकबंदी अधिकारी की अदालत द्वारा कर दिया गया। पीड़ित द्वारा मामला लटकाने को लेकर राजस्व परिषद से शिकायत की गई थी। जिसके एक हफ्ते के भीतर अदालत द्वारा मामले को निपटा दिया गया। पीड़ित द्वारा आरोप लगाया गया था कि चकबंदी विभाग के एसओसी भी इस साजिश में शामिल है। गौरतलब हो कि थाना व तहसील मोतीपुर के मिहींपुरवा बाजार निवासी सुशील प्रसाद पुत्र अयोध्या प्रसाद के मुताबिक उनकी गायघाट में 30 बीघा जमीन स्थित है। जिसका मुकदमा 45 साल से विचाराधीन था। जिसको हड़पने के लिए कुछ भू-माफिया चकबंदी विभाग के एसओसी मिलकर मुकदमें में निर्णय नही ंहोने दे रहे थे। पीड़ित का कहना था कि मुकदमें में उच्च न्यायालय लखनऊ द्वारा जल्द निर्णय करने के लिए बीते 31 मई को आदेश पारित किया जा चुका था। जबकि डीडीसी द्वारा 17 अगस्त 2023 को छह माह के अंदर मुकदमा निस्तारण करने के आदेश दिए गए थे। वहीं जिलाधिकारी के यहां भी 11 जुलाई को मुकदमा स्थानान्तरण प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया गया था। बावजूद इसके भू-माफिया एसओसी से मिलकर मुकदमें में निर्णय नहीं होने दें रहें है। आखिरकार पीड़ित द्वारा की गई शिकायत के बाद अदालत द्वारा मुकदमे का निस्तारण कर दिया गया है।
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