: डीएम, एसपी ने मरी माता मंदिर में पूजा अर्चना कर की सुख समृद्धि कामना
Wed, Mar 22, 2023
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन मरीमाता मन्दिर पहुंचे डीएम व एसपी
प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए लोगों को किया जागरूक
बहराइच। चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र व पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा ने सरयू नदी के तट पर स्थित श्री मरीमाता मन्दिर पहुंच कर पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर जनपद, प्रदेश एवं देश के सुख एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर डीडीओ/प्रभारी सीडीओ महेन्द्र कुमार पाण्डेय व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि मन्दिर में पूजा अर्चना के पश्चात डीएम डॉ. चन्द्र ने पूजारी तथा प्रबन्ध समिति के पदाधिकारियों के साथ मन्दिर परिसर व आसपास के क्षेत्रों में लगी दुकानों का भ्रमण कर उनसे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग न करने तथा स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की अपील की। पवित्र एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थान पर स्वच्छता के लिए डीएम द्वारा की गई मार्मिक अपील का दुकानदारों ने खुले दिल से स्वागत करते हुए भविष्य में प्रतिबन्धित प्लास्टिक का प्रयोग न करने तथा प्रतिष्ठान में उपलब्ध सिंगल यूज प्लास्टिक स्वेच्छा से समर्पित कर दी गयीं। डीएम ने बताया कि यहॉ पर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा के चाक-चौबन्द प्रबन्ध किये गये हैं साथ ही साफ-सफाई के लिए ब्लाक के कर्मियों की ड़यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि शक्ति के पावन नौ दिनो में अपने अराघ्य की पूजा के साथ-साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। डीएम ने कहा कि. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छता के प्रति बहुत ही संवेदनशील और गम्भीर हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाश्रित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश, 2013 (उत्तर प्रदेश अध्यादेश संख्या 10 सन् 2018) प्रख्याप्ति किया गया है। अध्यादेश का उद्देश्य उत्तर प्रदेश राज्य के भीतर से प्लास्टिक या अन्य जीव अनाश्रित सामग्री या तत्समय सामग्री जैसा कि वह उचित समझे, के उपयोग, विनिर्माण, विक्रय, वितरण, भण्डारण, परिवहन आयात या निर्यात पर निर्बन्धन या प्रतिषेध अधिरोपित किया गया है, जिसके अन्तर्गत प्लास्टिक के कप प्लेट, गिलास, चम्मच, कैरी बैग इत्यादि को पूर्णतः प्रतिषेध किया गया है इसी भाव को विस्तार देते हुए केन्द्र सरकार ने भी 01 जुलाई 2022 से सिंगल यूज़ प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीद, बिक्री, निर्माण पर रोक का आदेश जारी किये जाने की उदघोषणा की है।
: पेयजल परियोजनाओं के सोलर पैनल की स्थापना जनप्रतिनिधियों से कराया जाय: डीएम
Wed, Mar 22, 2023
जागरूकता अभियान संचालित कर ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल के महत्व के बारे में जानकारियां देकर किया जाये जागरूक
बहराइच। भारत एवं राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी हर घर जल योजना के क्रियान्वयन के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि पेयजल परियोजनाओं पर सोलर पैनल की स्थापना के समय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर उनके कर कमलों द्वारा कराया जाय। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक सप्ताह तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, अवर अभियन्ता व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठके आयोजित की जाय। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिये गये कि परियोजनाओं के लिए चिन्हित भूमि से सम्बन्धित समस्याओं का तत्परता के साथ निराकरण कराया जाय ताकि परियोजना का कार्य यथाशीघ्र शुरू कराया जा सके। कार्यदायी संस्थाओं को जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिये गये कि लोक निर्माण, ग्रामीण अभियन्तंत्रण, नगर निकाय, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों इत्यादि के पेयजल परियोजनाओं की स्थापना से क्षतिग्रस्त परसम्पत्तियों का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत भी कराया जाय। पूर्ण परियोजनाओं में पेयजल के घर-घर कनेक्शन से चयनित मजरों, ग्रामों को पूर्ण रूप से संतृप्त किया जाय। ग्रामों, मजरों में कोई भी घर छूटने न पाये। ऐसे ग्रामों में जागरूकता अभियान संचालित कर ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त कर उन्हें जागरूक भी किया जाय। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार पाण्डेय, उप जिलाधिकारी नानपारा अजीत परेस, पयागपुर दिनेश कुमार, मोतीपुर ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, अधि. अभि. जल निगम राकेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्तराम तिवारी, पीएनसी के राकेश कुमार व अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
: औचक निरीक्षण में मिले कई अधिकारी व कर्मचारी नदारत
Wed, Mar 22, 2023
डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने विकास भवन का किया औचक निरीक्षण
अनुपस्थित अधिकारियों कर्मचारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
समयबद्धता का कड़ाई से पालन करने के दिए गए निर्देश
भविष्य में पुनरावृति पर होगी कठोर कार्रवाई
बहराइच। कार्यालयों की साफ-सफाई, अभिलेखों के समुचित रख-रखाव तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समयबद्धता के साथ उपस्थिति का जायज़ा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र के निर्देश पर उपायुक्त स्वतः रोज़गार के.डी. गोस्वामी व उप निदेशक कृषि टी.पी. शाही ने संयुक्त रूप से विकास भवन स्थित लोकपाल मनरेगा, लघु सिंचाई, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता, जिला कार्यक्रम अधिकारी व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी राज कपूर, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक सहकारिता संजीव कुमार तिवारी, लोकपाल मनरेगा उमेश कुमार तिवारी, सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई मंशारात मौर्य अनुपस्थित पाए गए। लघु सिंचाई कार्यालय के निरीक्षण के दौरान उर्दू अनु. वरि.सहायक जुबेर खां व कनिष्ठ सहायक संयम, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के वाहन चालक मनोज कुमार मिश्र, पीडी डीआरडीए कार्यालय के सहायक संख्याधिकारी राम सूरत सिंह, अन्वेषक तकनीकी बृजेश चन्द्रमणि त्रिपाठी, कनि.लि. राजेन्द्र कुमार गुप्ता, ए.आर. कोआपरेटिव कार्यालय के सहकारी पर्यवेक्षक अखिलेश त्रिपाठी तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के लालजी प्रसाद अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी डॉ. चन्द्र ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तीन दिवस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। डीएम ने अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सचेत किया है कि भविष्य में पुनरावृति पाए जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध कठोर कार्यवाही अमल में लायी जाएगी। डीएम डॉ. चन्द्र ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अधीनस्थ कार्यालयों में पूर्व से निर्धारित कार्यालय समयावधि का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के साथ-साथ अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यालय में समय से पूर्ण अवधि तक उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। डीएम ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया हैं कि समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करें तथा ऐसे अधिकारी कर्मचारी जो समय से कार्यालय नहीं पहुँचते हैं या मध्यान्ह भोजन हेतु लम्बी अवधि के लिए कार्यालय से बाहर चल जाते है, उनके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाय।