: कैम्प आयोजित कर यातायात नियमों के प्रति किया गया जागरूक
Mon, Nov 6, 2023
बहराइच। यातायात माह के अन्तर्गत पुलिस अधीक्षक प्रशान्त वर्मा के निर्देशन में व अपर पुलिस अधीक्षक नगर/यातायात के पर्यवेक्षण में रविवार को यातायात पुलिस द्वारा नानपारा बस स्टैंड पर कैम्प आयोजित कर वाहन चालकों को यातायात संकेतों, नियमों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जनपद में आम जनमानस को यातायात नियमों के प्रति जागरुक किये जाने के सम्बन्ध में विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग, बैनर लगवाये गये। आम जनमानस को गोष्ठियाँ आयोजित कर यातायात नियमों के प्रति जागरुक किया गया। शीत ऋतु में ट्रैक्टर-ट्रालियों से घटित होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने हेतु ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप चिपकाया गया। रात्रि में भारी वाहनो के सड़क किनारे खड़े होने से घटित होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाये जाने हेतु हाइवे किनारे खड़े वाहनों को हटवाया गया। यातायात नियमों का उल्लंघन कर वाहन संचालन करने वाले कुल 148 वाहनों से कुल 198500 रूपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
: समय रहते पहचाने डेंगू के सामान्य और गंभीर लक्षण: सीएमओ
Mon, Nov 6, 2023
खुद से नहीं चिकित्सक की सलाह से कराएं इलाज
बहराइच । डेंगू सामान्य और गंभीर दो प्रकार का होता है। बीमारी के शुरुआती तीन से चार दिन के अंदर सामान्य और गंभीर डेंगू में अंतर नहीं किया जा सकता। बीमारी के तीन से पांच दिन बाद जैसे ही मरीज का बुखार कम या ख़त्म होता है उसी समय बीमारी की गंभीरता शुरू हो जाती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सतीश कुमार सिंह ने बताया इस समय के कुछ लक्षणों को ध्यानपूर्वक देखा जाय और समय रहते गंभीर डेंगू को पहचान कर उचित इलाज किया जाय तो खतरा टल जाता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में रैपिड टेस्ट में पाये गए 31 संभावित डेंगू मरीजों का इलाज चल रहा है तथा 88 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी को समुचित इलाज मुहैया कराया जाएगा।
उन्होनें डेंगू के गंभीर लक्षण के बारे में बताया कि शुरुआती खतरे के संकेतों में बेड से उठकर जाते समय आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, जो मुख्य रूप से बीपी कम होने से होता है। इसके अलावा अन्य संकेत जैसे पेट में दर्द, यूरिन बहुत कम होना, बार-बार उल्टी होना, खड़े न हो पाना यह सभी डेंगू के गंभीर संकेत हैं। ऐसे में डेंगू मरीज को केवल चिकित्सक की देख रेख में ही इलाज लेना चाहिए। डेंगू के सामान्य लक्षणों में सिद दर्द, मिचली होना, उल्टी होना, मांसपेशियों, हड्डीयों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते का संकेताक भी डेंगू लक्षण के प्रतीक है।
संचारी रोग के नोडल डॉ संजय सोलंकी ने बताया कि इस समय होने वाले बुखार में केवल चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा बुखार उतारने के लिए पूरे शरीर को सामान्य पानी से बार-बार पोछना चाहिए क्योंकि केवल सिर पर पट्टी लगाने से बुखार नहीं उतरेगा। उन्होंने बताया कि डेंगू मरीज को एसक्लोपैरा, इयूजेसिक या बूफेन जैसी दवाइयों से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। इस दौरान पेय तरल पदार्थ का अधिक उपयोग करना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें व मच्छरों के काटने से बचे, सप्ताह में एक बार कूलर को रगड़ कर साफ करें व सुखाने के उपरान्त फिर से उपयोग में लाएं, छत पर पानी की टंकी का ढक्कन खुला न रखें, समय-समय पर टंकी की सफाई का ध्यान रखें। घरों की छतों आस-पास टूटे फूटे बर्तन, खिलौने, प्लास्टिक कन्टेनर आदि को नष्ट कर दें या उनमें जमा पानी को निकाल दें। डेंगू का मच्छर अधिकतर दिन के समय ही काटता है इसलिए पूरी आस्तीन का कपड़ा (फुल शर्ट, फुल पैन्ट व जूता-मोजा) पहनें। इसके साथ-साथ डेंगू की जांच व इलाज सभी सरकारी चिकित्सालयों में मुफ्त उपलब्ध है अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य कर्मी/स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें।
: निराश्रित गौ संरक्षण अभियान की प्रति दिन की जाय समीक्षा: डीएम
Sun, Nov 5, 2023
अभियान में सभी निराश्रित गौवंशो को किया जाय संरक्षित
बहराइच। जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में शनिवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में गौसरंक्षण अभियान, राष्ट्रीय खाद सुरक्षा अभियान, अनुमोदित सड़कों के सापेक्ष गड्ढ़ा मुक्त कराये गये सड़कों के प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक सम्पन्न हुई। निराश्रित गौसंरक्षण की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए सभी निराश्रित गौवंशो को गौशालाओं में संरक्षित कराकर उन्हें मानक के अनुसार सभी सुविधाएं मुहैया करायी जाय। सर्वप्रथम प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्यमार्गो के निराश्रित गोवंशो को पकड़कर संरक्षित किया जाय। अभियान की डे-बाई-डे समीक्षा की जाय। जिन ब्लाकों में कैटल कैचर उपलब्ध नहीं है तत्काल खरीद लिया जाय जब तक कैटल कैचर खरीद नही होती है तब तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाय। इसी प्रकार से नगरीय क्षेत्रों में विशेषकर हाट स्पार्टो के निराश्रित गौवंशो को भी पकड़कर गौशालाओं में संरक्षित कराया जाय। डीएम ने सीवीओ को निर्देश दिया कि अक्टूबर तक की भरण-पोषण की धनराशि की डिमाण्ड दो सप्ताह में नहीं किया जाता है तो सम्बन्धित अधिकारियों के वेतन बाधित करने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि दिये जाने की कार्रवाई की जायेगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान के अन्तर्गत अन्त्योदय एवं पात्र ग्रहस्थी कार्ड धारको के ग्राम पंचायतवार सत्यापन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिये गये कि सत्यापन में निरस्त किये गये कार्ड धारकों के स्थान पर ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों वृद्धावस्था व निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर राशन कार्ड बनाये जाय। इसके अलावा अन्य पात्र लोगों को भी योजनाओं से आच्छादित किया जाय। अनुमोदित सड़कों के सापेक्ष गड्ढ़ा मुक्त कराये गये सड़कों के प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया गया कि कार्य के सत्यापन के लिए जिन अधिकारियों को नामित किया गया है जिनके द्वारा अभी तक सत्यापन नहीं किया गया है वे तत्काल सत्यापन कर आख्या उपलब्ध कराये। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रम्या आर., अपर जिलाधिकारी गौरव निरंजन श्रीवास्तव, एसडीएम सदर प्रिन्स वर्मा, कैसरगंज पंकज दीक्षित, पयागपुर दिनेश कुमार, महसी राकेश कुमार मौर्या, सीओ सिटी राजीव सिसौदिया, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, सीवीओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डीसी मनरेगा के.डी. गोस्वामी, डीएसओ नरेन्द्र तिवारी, अधिशाषी अभियन्ता प्रदीप कुमार, अमर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता, सहायक श्रमायुक्त सिद्धार्थ मोदियानी सहित खण्ड विकास अधिकारी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।