: आयुक्त ने तहसील महसी के वन्यजीव प्रभावित क्षेत्र का किया भ्रमण
Sun, Sep 1, 2024
आयुक्त ने हिंसक जीवों के हमलों में मरने वाले बच्चों के परिजनों से भेंट कर व्यक्त की संवेदना
वन विभाग द्वारा ड्रोन कैमरों की मदद से किये जा रहे निगरानी कार्य का लिया जायजा
बहराइच। आयुक्त देवीपाटन मण्डल गोण्डा शशि भूषण लाल सुशील ने विधायक महसी सुरेश्वर सिंह के साथ तहसील महसी अन्तर्गत हिंसक जीव भेड़ियों के हमलों से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर हिंसक जीवों के हमलों में मरने वाले बच्चों के परिजनों से भेंट कर संवेदना व्यक्त की। क्षेत्र भ्रमण के दौरान आयुक्त ने ग्राम पंचायत सिसईया चूड़ामणि के मजरा कुलैला में मुख्य वन संरक्षक रेनू सिंह के नेतृत्व में वन विभाग द्वारा ड्रोन कैमरों की मदद से किये जा रहे निगरानी कार्य का जायजा लिया। मुख्य वन संरक्षक ने आयुक्त को बताया कि हिंसक भेड़ियों का सही लोकेशन जानने हेतु गश्ती दलों द्वारा फुट प्रिन्ट खोजने के साथ-साथ आसमानों से भी ड्रोन एवं थर्मल ड्रोन कैमरों के माध्यम से सर्च आपरेशन संचालित किया जा रहा है। प्रभावित/सक्रियता क्षेत्रों में संवेदनशील स्थलों पर 08 ट्रैपिंग कैमरों के साथ-साथ सभी संभावित स्थानों पर पिजड़े भी लगाये गये हैं। वन विभाग की सक्रियता एवं अथक प्रयास के फलस्वरूप 01 माह के अन्दर 04 भेड़ियों को पकड़ा भी जा चुका है। मौके पर मौजूद मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह ने आयुक्त को बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हिंसक भेड़िया के हमले से प्रभावित/सक्रियता क्षेत्रों में क्रिटिकल गैप योजना अन्तर्गत चिन्हित किये गये 40 स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाईट तथा 10 स्थानों पर सोलर हाईमास्ट लाईट की स्थापना कराई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को शौच के लिए घर से बाहर न जाना पड़े इसके लिए पंचायती राज विभाग के माध्यम से शौचालय विहीन घरों को स्वच्छ शौचालय योजना से आच्छादित किया जा रहा है। दरवाज़ा विहीन घरों में बहराइच वन प्रभाग के सहयोग से दरवाजे लगवाये जा रहे हैं। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्र के आवासहीन लोगों को आवासीय योजना से भी आच्छादित किया जायेगा। भ्रमण के दौरान आयुक्त ने मौके पर मौजूद उप जिलाधिकारी महसी अखिलेश कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी रूपेन्द्र कुमार गौड़, खण्ड विकास अधिकारी हेमन्त यादव, क्षेत्र में गठित टास्क फोर्स के सदस्यों, वालंटियर्स, ग्रामवासियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करते हुए सभी स्टेक होल्डर्स को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर सतर्कता बरतते हुए क्षेत्र में गश्त करें तथा आमजन को भी जागरूक करते रहें। आयुक्त ने ग्रामवासियों से अपील की है कि वन्यजीवों के हमलों के दृष्टिगत घर के बाहर न सोये। आयुक्त ने बताया कि सभी सम्बन्धित विभाग टीम भावना के साथ प्रयास कर रहे हैं, उन्हे आशा है कि शीघ्र ही हमलावर वन्य जीव पकड़ लिये जायेंगे। भ्रमण के दौरान वन संरक्षक देवीपाटन मण्डल मनोज सोनकर, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच अजीत प्रताप सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजेश उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
: आदमखोर भेडिया ने हमला कर अधेड़ व बालक को किया घायल
Sun, Sep 1, 2024
महसी, बहराइच। वन विभाग द्वारा लगाई गई कई टीमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बावजूद भी आदमखोर भेडिया कब्जे में नहीं आ रहे हैं। बीती रात भेड़िए ने एक बार फिर हमला कर अधेड़ व बालक को घायल कर दिया। जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। ज्ञातव्य हो कि हरदी थाना क्षेत्र के ग्राम मौकूपुरवा नकाही निवासी कुन्नू 55 वर्ष घर के बाहर सो रहे थे। तभी देर रात को ग्रामीण पर भेड़िया ने हमला कर दिया। इसके बाद भेड़िया ने पड़ोसी जंगलपुरवा दरहिया गांव निवासी पारस 8 वर्ष पर हमला कर दिया। जिससे हमले में दोनों घायल हो गए। परिवार के लोगों ने शोर मचाते हुए भेड़िया को खदेड़ा। दोनों घायलों को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां बालक की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सचेत रहने तथा घर के भीतर सोने के लिए कहा। वहीं तहसील नानपारा के अंतर्गत ग्राम पंचायत पकरा देवरिया के ग्राम बैसवारा में बीती रात करीब 12 बजे भेंडिया दिखाई दिया है। सूचना पर एसडीएम नानपारा, सीओ नानपारा व तहसीलदार के साथ विधायक नानपारा मौके पर पहुंचे। मौके पर काफी फोर्स भी तैनात है। ड्रोन कैमरे मे अभी तक तीन भेड़िया दिखाई दी दिए है। भेड़ियों के दिखाई देने से गांव के सभी लोग दहशतजदा है।
: स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान पर की चर्चा
Sun, Sep 1, 2024
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को सुबह दस बजे दस मिनट अपने पूर्वजों स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों के सम्मान तथा उनके उत्तराधिकारियों के अस्तित्व की रक्षा हेतु श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि कार्यक्रम के तहत रविवार को महान स्वतंत्रता सेनानी पंडित जगत नारायण दूबे के चित्र पर सेनानी उत्तराधिकारियों ने माल्यार्पण किया और उनके द्वारा देश के स्वतंत्रता संग्राम में किए गए योगदान की चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि पंडित जगत नारायण दूबे का जन्म जनपद श्रावस्ती के थाना सोनवां के अन्तर्गत ग्राम केशवापुर पजावा में हुआ था। जब 1930 में महात्मा गांधी जी ने बहराइच का दौरा किया उस समय दूबे जी कांग्रेस एवं पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य के प्रमुख कार्यकर्ता बने और खुरूहरी मण्डल के मंत्री बनाए गए। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के इशारे पर रियासतदारों और तालुकेदारों द्वारा स्थानीय किसानों और मजदूरों को तरह तरह से परेशान किए जाने पर उसके विरुद्ध संघर्ष किया और इसकी सूचना प्रान्तीय कांग्रेस तक पहुंचाई जिसके फलस्वरूप 06 अक्टूबर 1931 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सोनवां का दौरा किया जिससे दूबे जी का मनोबल बढ़ा और उन्हें सत्याग्रह समिति के प्रमुख का दायित्व दिया गया। पंडित जगत नारायण दूबे जी के नाती एवं संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि स्व श्री दूबे जी 16.04.1941 को भिनगा में व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन करते हुए गिरफ्तार किए गए और धारा 38/5 डी आई आर के अन्तर्गत दो माह की कैद और 25/- रूपए जुर्माना किया गया। जुर्माना न अदा करने पर छः सप्ताह की कठोर कैद की सजा हुई थी, और जिला कारागार बहराइच भेजा गया। पूरी सजा भोगकर 16.06.1941 को जेल से रिहा हुए। 1942 में पूज्य बापू महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया और सत्याग्रही सेनानियों को करो या मरो का मूल मंत्र दिया। दिनांक 10.08.1942 को धारा 129/126 भादवि के अन्तर्गत लामियाद नजरबंद जिला कारागार बहराइच में किए गए, और दिनांक 21.05.1943 को सरकारी आदेश पर रिहा हुए। संगठन महामंत्री राजू मिश्र उर्फ मुन्ना भैया ने कहा कि आजादी के बाद पंडित भगवान दीन मिश्र वैद्य, ठाकुर हुकुम सिंह, और सरदार जोगेंद्र सिंह के दिशा निर्देश में जिले के सर्वांगीण विकास में लग गए और विकास क्षेत्र गिलौला और सोनवां थाना के अन्तर्गत अनेकों जनहित के कार्य किए। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी के द्वारा उन्हें ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया गया और केन्द्रीय एवं राज्य सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी सम्मान पेंशन योजना से सम्मानित किया। 14 फरवरी 2001 में वो साकेतवासी हुए। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों ने उनके द्वारा सम्पादित कार्यों की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम में संगठन के महामंत्री आदित्य भान सिंह, राम राज सिंह, गायत्री दत्त मिश्र, फूलमती देवी, तुलसी राम मौर्या, शिव नारायण, जाहिर अली, अब्दुल रहमान, दोस्त मोहम्मद, ननकु, जगत राम आर्य, मुरली पाण्डेय, अंगनु राम सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।