: सीएम योगी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का लिया संज्ञान, हर हाल में घटनाओं पर लगाएं अंकुश
Mon, Sep 2, 2024
सीएम योगी ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर वन मंत्री और अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक
प्रभावित जिलों में वन टीम बढ़ाने, लगातार काम्बिंग करने, मानीटरिंग एवं जन जागरुकता फैलाने के सीएम ने दिये निर्देश
सीएम के निर्देश के बाद जिलाधिकारी मोनिका रानी ने जारी की गाइडलाइन
क्षेत्र में काम्बिंग, आपसी तालमेल बढ़ाने एवं गश्त की डिटेल रजिस्टर में अंकित करने के दिये निर्देश
बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में घटित मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागीय मंत्री और संबंधित विभाग के अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने, उनकी मानीटरिंग करने एवं घटनाओं के बढ़ने के कारणों पर मंथन करने के निर्देश दिये ताकि इन पर अंकुश लगाया जा सके। सीएम योगी के निर्देश के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को लेकर जिलाधिकारी मोनिका रानी सक्रिय हो गईं और आनन-फानन में टीम बनाकर काम्बिंग एवं गांव-गांव में जाकर जन जागरुकता फैलाने के निर्देश दिये।
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सीएम योगी ने ज्वाइंट पेट्रोलिंग बढ़ाने के दिये निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों से आदमखोर भेड़िये या तेंदुए द्वारा हमले की सूचना आ रही है। उन्होंने इन घटनाओं को नियंत्रित करने, वन्यजीव को पकड़ने एवं आवश्यकतानुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रभावित जिलों में प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, स्थानीय पंचायत, राजस्व विभाग द्वारा व्यापक जन जागरूकता पैदा करने एवं लोगों को सुरक्षा के उपायों के बारे में भी बताने के आदेश दिये। बैठक के बाद वन मंत्री और संबंधित अधिकारी हरकत में आ गए। वन मंत्री ने बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर सहित अन्य जिलों में तत्काल वन विभाग के अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिये। साथ ही ज्वाइंट पेट्रोलिंग बढ़ाने का आदेश दिया। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों में कैंप करने, जनप्रतिनिधियों से सहयोग लेने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लाइट की समस्या हो, वहां पेट्रोमैक्स की व्यवस्था करने का आदेश दिया। बता दें कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को आपदा घोषित किया है। इसके जरिये वन्य जीवों के हमले में घायल लोगों अथवा असमय काल-कवलित हुए लोगों के परिवारीजनों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
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जिलाधिकारी ने जारी किये आवश्यक दिशा-निर्देश
मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित जिलाधिकारी मोनिका रानी ने पुलिस, वन विभाग, स्थानीय पंचायत और राजस्व विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये। उन्होंने कहा कि रेंज स्तर पर वन क्षेत्रों में गश्त के साथ जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त के लिए कार्य योजना के अनुसार वन कर्मियों की टीम रोजाना गश्त करें, इसकी सूचना रजिस्टर पर अंकित करें। आरक्षित वन क्षेत्रों से लगे ग्रामों में मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने के लिए बैठकों का आयोजन किया जाए एवं वन्य जीवों से सावधानी बरतने के लिए ग्रामीणों को सजग किया जाए। ग्रामीणों को यह समझाया जाए कि वह अपने खेतों में कृषि कार्य के लिए समूहों में आवाज करते हुए जाएं, जिससे वन्य जीव रास्ते से हट जाएं। संवेदनशील क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर (मन्दिर, गुरूद्वारा, मस्जिद, स्कूल, स्थानीय बाजार, गन्ना क्रय केन्द्र, खण्ड विकास कार्यालय, तहसील) वन्यजीवों से सावधानी रखने से संबंधित होर्डिंग्स लगवाए जाएं। वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में रास्ते के किनारे एवं सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर चिपकाए जाएं। साथ ही ग्रामीणों में सतर्कता के लिए पम्पलेट्स बंटवाये जाएं।
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स्थानीय वन कर्मियों को ग्राम प्रधानों से मोबाइल से संपर्क रखने के दिये निर्देश
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने निर्देश दिये कि संयोगवश यदि किसी क्षेत्र में मानव वन्य जीव संघर्ष की कोई घटना घटित होती है तो तत्काल स्थानीय स्टाफ एवं रेंज स्टाफ द्वारा रेस्क्यू करने के साथ उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाए। वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में गश्त के दौरान रेंज स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग किया जाए। इसके अलावा स्थानीय स्वयं सहायता समूह, बुद्धिजीवी संवर्ग, ग्राम प्रधान एवं वन्य जीव पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यक्तियों से सहयोग लिया जाए। आरक्षित वन क्षेत्र से लगी ग्रामीण सीमाओं एवं पगडंडियों पर स्थानीय स्टाफ द्वारा गश्त एवं एंटी स्नेयर बाक लगातार की जाए। जंगल सीमा से लगे गांवों के ग्राम प्रधानों से स्थानीय वन कर्मियों द्वारा आपस में मोबाइल द्वारा संपर्क रखा जाए।
: प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने बेटी का काटा गला
Mon, Sep 2, 2024
मिहीपुरवा, बहराइच। बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज पिता ने अपनी बेटी का गला काटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद सर को घर पर ही रख दिया। घटना थाना मोतीपुर के लक्ष्मणपुर मटेही है की। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मोतीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत लक्ष्मनपुर मटेही गांव निवासी खुशबु पुत्री नईम खान 18 वर्ष का प्रेम प्रसंग इसी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रायबोझा गांव निवासी एक युवक से चल रहा है। जिसका विरोध पिता कर रहा था। लेकिन पुत्री नहीं मानी। गांव के लोगों के मुताबिक सोमवार को प्रेमी गांव पहुंच गया। पिता ने प्रेमी को देखा। इसके बाद युवक फरार हो गया। जबकि बेटी को पिता ने घर में रखे बांके से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। सिर, हाथ, पैर और शरीर सब काटकर अलग कर दिया। इसके बाद वह बेटी के शव के पास ही बैठा रहा। सूचना पाकर सीओ हीरा लाल कनौजिया, थानाध्यक्ष राकेश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षत विक्षत शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी पिता को अपनी अभिरक्षा में ले लिया।
: आदमखोर भेडियें के हमले में मासूम बालिका की मौत, वृद्धा घायल
Mon, Sep 2, 2024
महसी के नौवन गरेठी व बाराबीघा कोटिया की घटना
महसी, बहराइच। तहसील महसी क्षेत्र में भेड़िए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। वन विभाग जहां निरंतर भेड़िए को पकड़ने की कोशिश कर रहा है वहीं भेड़िया भी लगातार हमला कर वनाधिकारियो को चुनौती दे रहे हैं। बीती रात भी एक भेड़िए ने मां के साथ सो रही मासूम बालिका पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। भेड़िया उसे उठा ले गया। गांव के बाहर उसका शव सुबह पड़ा पाया गया। बच्ची के दोनों हाथ भेड़िया खा गया था। गौरतलब हो कि अंजलि पुत्री कमल कश्यप उम्र 3 वर्ष ग्राम नौवन गरेठी, गरेठी गुरुदत्त सिंह थाना हरदी समय सुबह 3.30 बजे घर में माँ के साथ सो रही थी। तभी भेड़िया मासूम बालिका को उठा ले गया। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर भेड़िया को पकड़ने की कोशिश की बावजूद इसके भेड़िया भागने में कामयाब हो गया। जिलाधिकारी मोनिका रानी व पुलिस अधीक्षक बृन्दा शुक्ला ने अन्य अधिकारियों के साथ मजरा नव्वन गरेठी पहुंच कर शोक संतप्त परिजनों से भेंट कर ढांढस बंधाया तथा मौजूद अधिकारियों से घटना के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष हरदी सूरज वर्मा ने बताया कि रात्रि लगभग 03 बजे की घटना है। घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी महसी अखिलेश कुमार सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी रूपेन्द्र गौड, खण्ड विकास अधिकारी हेमन्त यादव व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों ने पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी ली। महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बाराबीघा कोटिया में अचाला पत्नी मोहन लाल उम्र लगभग 65 वर्ष पर बीती रात लगभग 12 बजे के आसपास भेड़िए ने हमला कर दिया। जिसको सीएचसी महसी से एंबुलेंस द्वारा जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। सबसे अहम और सोचने वाली बात यह है कि घर के दरवाजे को तोड़कर भेड़िए ने बुजुर्ग महिला को लगभग बीस मीटर बाहर घसीट लाया। जिसके बाद जब परिवार के लोगो ने हल्ला मचाया तब भेड़िया भाग गया। जिससे इस गांव के लोगों में और दहशत छा गया है। लोग पहले से चौकन्ने थे लेकिन अब और चौकन्ने हो गए हैं तथा लगातार अपने घरों की निगरानी कर रहे हैं। स्थिति को गम्भीर देखते हुए महसी सीएचसी केन्द्र के डाक्टरों ने बुजुर्ग महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सभी दावे फेल होते नजर आ रहे हैं क्योंकि भेड़िए का हमला लगातार हो रहा है रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। बड़े ही सुनियोजित तरीके से भेड़िया लोगों पर हमला कर रहा है। प्रशासनिक अमला लगातार मेहनत तो कर रहा है लेकिन वह मेहनत सार्थक नहीं दिखाई पड़ रही है। इस प्रकार हो रहे भेडियों के हमले से गांव में रह रहे लोगों का प्रशासन से बड़ी नाराजगी है।