: गोआश्रय स्थल के लिए शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी ने जिले के अधिकारियों के साथ की बैठक
Fri, Apr 7, 2023
गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर जताया संतोष
डीएम के नैपियर घास के नवाचार को बताया सराहनीय
बहराइच। जिले में संचालित गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण हेतु शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी विशेष सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स/जनपद नोडल अधिकारी अक्षय त्रिपाठी, आईएएस ने जनपद भ्रमण के दौरान बुधवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिया कि जिले के गोआश्रय स्थलों में संरक्षित निराश्रित गोवंशों को शासन की मंशानुरूप सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं। नोडल अधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं अच्छी पाई गई हैं। इस स्थिति को बनाएं रखें नैपियर घास की भांति अन्य नवाचार के माध्यम से गोशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर से और बेहतर करने का प्रयास करें। नोडल अधिकारी ने जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र से अपेक्षा की कि गोआश्रय स्थलों के संचालन के लिए पशुपालन विभाग के साथ-साथ ग्राम पंचायत व विभागों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाए। श्री त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी कार्ययोजना बनाएं गोआश्रय स्थल ग्राम पंचायतों की आय का भी साधन बने। इसके लिए जैविक खाद, कण्डों और उपलों के प्रयोग के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाय। इस कार्य में महिला स्वयं सहायता समूहों से अपेक्षित सहयोग प्राप्त किया जाय। नोडल अधिकारी श्री त्रिपाठी ने यह भी सुझाव दिया कि वृद्ध, बीमार व दुर्बल गोवंशों को स्वस्थ गोवंशों से अलग रखने की व्यवस्था गोशाला में ही की जाय। निराश्रित गोवंशों को ग्रीष्मकाल में कोई असुविधा न हो इसके लिए उपलब्ध भूमि पर अधिक से अधिक छायादार पौध रोपित किये जाएं। नोडल अधिकारी ने डीएम डॉ. चन्द्र को यह भी सुझाव दिया कि जिले में गोशालाओं के लिए रैंकिंग व्यवस्था को लागू करें जिससे लोगों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का जज़बा पैदा होगा और गोशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार भी आयेगा। बैठक के दौरान डीएम डॉ. दिनेश चन्द्र ने बताया कि वर्तमान समय में जिले की 04 वृहद गो संरक्षण केन्द्रों में 1152, ग्रामीण क्षेत्रों के 88 अस्थायी गो आश्रय स्थलों में 12017 व शहरी क्षेत्र की 04 अस्थायी गो आश्रय स्थलों में 212, 02 कान्हा गो आश्रय स्थलों में 116, 18 कांजी हाउसों में 524 इस प्रकार 115 स्थलों पर 14021 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र की 05 पंजीकृत गोशाला में 998 व 02 अपंजीकृत गोशालों में 660 तथा शहरी क्षेत्र की 01 अपंजीकृत गोशाला में 111 गोवंश भी संरक्षित है। डीएम डॉ. चन्द्र ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अब तक कुल 2836 गोवंश आमजन की सुपुर्दगी में दिये गये हैं। डीएम डॉ. चन्द्र ने बताया कि जिले में अवस्थित गोवंशों में शासल की मंशानुरूप भूसा तथा चारे के माकूल बन्दोबस्त किये जा रहे हैं। डीएम ने कहा कि जनपद की गोशालाओं में वर्ष भर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध भू-भाग पर नैपियर घास की बुआई की गई है। डॉ. चन्द्र ने यह भी बताया कि चरागाह की भूमि पर भी नैपियर घास की बुआई कराई गई है। डीएम ने आश्वस्त किया गोवंशों के बेहतर देखभाल के लिए प्राप्त हुए सुझावों को धरातल पर क्रियान्वित कराया जाएगा। बैठक के अन्त में डीएम ने नोडल् अधिकारी को अंगवस्त्र व ओडीओपी अन्तर्गत गेहूॅ के डण्ठल से बनी गणेष जी कलाकृति भेंट की। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर सुभाष सिंह, कैसरगंज महेश कुमार कैथल, महसी राकेश कुमार मौर्या, जिला विकास अधिकारी प्रभारी सीडीओ महेन्द्र कुमार पाण्डेय, पीडीडीआरडीए पी.एन. यादव, उप निदेशक कृषि टी.पी. शाही, सीवीओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद सहित खण्ड विकास अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: कारागार में आयोजित हुआ विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर
Fri, Apr 7, 2023
बहराइच। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार मिश्र के दिशा निर्देशन में वृहस्पतिवार को जिला कारागार में विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जेल अधीक्षक राजेश कुमार यादव, डिप्टी जेलर देवकान्त वर्मा, डिप्टी जेलर शेषनाथ यादव व श्रीमती अनीता श्रीवास्तव एवं बंदीगण मौजूद रहे। डिप्टी जेलर देवकान्त वर्मा ने बताया कि जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों में पुरुष बंदी 1175 व महिला बंदी 61 तथा सिद्धदोष बंदियों में पुरूष बंदी 147 व महिला बंदी 09 हैं। विधिक जागरूकता शिविर को सम्बोधित करते हुए पैनल लॉयर श्रीमती माधुरीलता मिश्रा व राम अधार यादव द्वारा शिविर में उपस्थित बंदियो को उनके मुकदमे की निःशुल्क पैरवी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराये जाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की गई। पैनल लॉयर्स ने कहा कि इच्छुक बन्दी निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा प्राप्त करने हेतु अपना प्रार्थना पत्र जेल पीएलवी द्वारा तैयार करवाकर जरिये जेलर कार्यालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच को प्रेषित कर सकते हैं। पैनल लॉयर्स ने सिद्धदोष बन्दियों को सुझाव दिया कि जिनकी अपील सक्षम न्यायालय मंें दाखिल नहीं हो पायी है वे अपनी अपील जेल अपील के माध्यम से कराएं। बन्दियों को यह भी सुझाव दिया गया कि 15 व 29 अप्रैल को जिला कारागार में प्रस्तावित विशेष लोक अदालत के माध्यम से अपने छोटे वादों शीघ्र निस्तारण कराएं। शिविर के दौरान मौजूद बन्दियों को प्ली बारगेनिंग व धारा 436ए दं.प्र.सं. के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।
: प्रशिक्षित किये गये रिटर्निंग व सहायक रिटर्निंग आफिसर्स
Fri, Apr 7, 2023
बहराइच। नगरीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सकुशल सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से विकास भवन सभागार में रिटर्निंग व सहायक रिटर्निंग आफिसर्स के साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया का डिज़िटाइजेशन किया गया है और सूचनाएं आनलाइन प्रेषित की जानी हैं। प्रशिक्षण के दौरान आर.ओ., ए.आर.ओ. को डिज़िटाइजेशन के सम्बंध मे प्रदान किये गये प्रशिक्षण के सम्बंध में जिलाधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र ने नामांकन डिजिटाइज़ेशन प्रक्रिया के सम्बन्ध में फीड बैक प्राप्त करते हुए आर.ओ., ए.आर.ओ. निर्देश दिया कि समस्त रिटर्निंग आफिसर्स को निर्देश दिया कि आर.ओ. बुक का भली प्रकार से अध्ययन कर आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करायें। प्रशिक्षण के दौरान समस्त रिटर्निंग व सहायक रिटर्निंग आफिसर्स को प्रत्याशियों द्वारा प्रस्तुत किये जाने वाले अभिलेखों, जमानत धनराशि, निर्वाचन व्यय की सीमा, प्रत्याशी द्वारा पृथक बैंक खाता खुलवाने तथा आदर्श आचार सहिता का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी। रिटर्निंग व सहायक रिटर्निंग आफिसर्स को मुख्य रूप से जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ सी.के. वर्मा व सहायक निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) बी.एल. भार्गव के साथ-साथ, मुख्य राजस्व अधिकारी अवधेश कुमार मिश्र, जिला विकास अधिकारी प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र पाण्डेय व अन्य अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।