: बेहतर उत्पादन वाली गन्ना प्रजाति लगाए किसान
Fri, Feb 9, 2024
परसेण्डी, बहराइच। पारले कंपनी द्वारा लगातार किसानों के बीच में बसंत कालीन गन्ना बुवाई हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। किसान गोष्ठी, प्रचार वाहन द्वारा जागरूकता, बुवाई हेतु पम्फ्लेट्स वितरण, 0238 प्रजाति के बचाव हेतु आवश्यक सुझाव, गन्ना विभाग की टीम द्वारा किसानो से लगातार संपर्क स्थापित करना, ग्राम स्तर पर किसान ग्रुप मीटिंग करके जागरूक करना, नई प्रजातियों की बुवाई अधिक से अधिक करना जैसे-15023, 14201 कंपनी द्वारा बुवाई पर बायो फर्टिलाइजर, जैविक खाद, ऑर्गनिक पोटाश, ट्राइकोडर्मा एवं कृषि यंत्र पावर वीडर, पावर स्प्रे मशीन, आरएमडी, ट्रेंच पर दिए जाने वाले भारी अनुदान शामिल है। जिससे किसानो की औसत गन्ना पैदावार प्रति एकड़ 500 कुंतल प्राप्त हो सके। इसी क्रम में शुक्रवार को ग्राम सभा निवासी में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का संचालन सूबेदार सिंह ने किया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी ने कहा कि किसान वैज्ञानिक गन्ना खेती को पुरजोर बढ़ावा दे। सबसे अधिक उत्पादन देने वाली प्रजाति 15023 जरूर लगाए। इस प्रजाति पौधे गन्ने के उत्पादन के साथ-साथ दो पेड़ी भी आसानी से ले सकते है। पहली यह ऐसी प्रजाति है जिसकी पौधा-पेड़ी की उपज बराबर है। इसलिए 15023 प्रजाति अधिक से अधिक क्षेत्रफल में किसान लगाए। गोष्ठी में भारी संख्या में किसान तथा पारले के अन्य अधिकारीगण अमरेंद्र, प्रवेश, नागेंद्र, सूरज, दिलीप, अमर, अशोक, राहुल मौजूद रहे।
: क्रांतिकारी के स्वतंत्रता आन्दोलन में किए गए योगदान पर की चर्चा
Fri, Feb 9, 2024
महान क्रांतिकारी शिव वर्मा का जन्मोत्सव मनाया गया
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में महान क्रांतिकारी शिव वर्मा का जन्मोत्सव मनाया गया। सेनानी उत्तराधिकारीगणों ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि क्रांतिकारी शिव वर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में हुआ था। साहित्य प्रेमी होने के कारण मार्क्सवाद से प्रभावित होकर वह साम्यवादी हो गये। उन्हें काला पानी सहित लगभग 17 वर्ष की सजा सुनाई गई। लेकिन उन्होंने ब्रिटिश सरकार के सामने नतमस्तक नहीं हुए। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि क्रांतिकारी शिव वर्मा 1921 में 17 वर्ष की आयु में स्वतंत्रता आन्दोलन में कूदे, वह हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे। 13 मई 1929 को सहारनपुर बम फैक्टरी में जयदेव कपूर और डॉ गया प्रसाद कटियार के साथ शिव वर्मा गिरफ्तार हुए और 1946 में वें जेल से रिहा हुए। वरिष्ठ सेनानी उत्तराधिकारी भानुप्रताप द्विवेदी एडवोकेट ने कहा कि उनकी धारणा थी कि बुलेट के साथ बुलेटिन की भी इस आंदोलन में प्रबल आवश्यकता है और वैचारिक क्रांति के सहारे स्वतंत्रता की तरफ बढ़ा जा सकता है। भगतसिंह के सच्चे मित्र होने के कारण वह डटे रहे इसी कारण लाहौर षड़्यंत्र केस-2 में उन्हें दण्डित किया गया। उनकी मृत्यु 10 जनवरी 1997 को कानपुर में हुई। सेनानी उत्तराधिकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी वह क्रांतिकारी एवं साम्यवादी विचारों के लिए विख्यात थे और तमाम नौजवानों के लिए आज भी मृत्युपरांत वह प्रेरणा स्रोत हैं। अन्त में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। कार्यक्रम में राजेश वोट एडवोकेट, आशुतोष मिश्रा एडवोकेट, अभिषेक द्विवेदी एड, अवनीन्द्रनाथ पाण्डेय एडवोकेट सहित तमाम सेनानी उत्तराधिकारी मौजूद रहे।
: मोबाइल नेटवर्क से महरूम थारू समुदाय का मुख्यालय पर प्रदर्शन
Thu, Feb 8, 2024
टावर न लगने पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर टावर लगाने की मांग
बहराइच। जंगल क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से त्रस्त थारू समुदाय के लोगों ने जनपद मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टेªट पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकरी को ज्ञापन सौंपकर मोबाइल टावर लगाने की मांग की। गौरतलब हो कि कतर्नियाघाट जंगल से सटे ग्राम आम्बा के थारू समुदाय के लोग वृहस्पतिवार को कलेक्टेªट पहुंचे। जिसमें शिवनापुर, फकीरपुरी, रमपुरवा व वर्दिया के ग्रामीण शामिल थे। ग्रामीणों का कहना था कि सरकार जहां डिजिटल इण्डिया का सपना देख रही है, लोगों को फाइव जी की सुविधाएं मिल रही है और हम लोगों के गांवों में थ्री जी नेटवर्क भी नसीब नहीं हो पा रहा है। हम लोगों के गांव में किसी भी कम्पनी का टावर नहीं है। एक मात्र बीएसएनएल का टावर पिछले कई वर्षों से खराब पड़ा हुआ है। जिसके चलते आज के मोबाइल युग में हम लोग संचार साधनों से महरूम है। सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। किसी भी समस्या पर उच्चाधिकारियों को सूचना भी नहीं दे पाते है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोकसभा चुनाव तक हम लोगों के गांवों में टावर नहीं लगा तो लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जायेगा। इस दौरान थारू समुदाय के जिलाध्यक्ष बेचन चौधरी सहित तमाम अन्य थारू समुदाय के लोग मौजूद रहे।