: गांव की पगडंडी पर लाठी के सहारे जा रही बुर्जुग महिला को देख गाड़ी से उतर पड़ी डीएम
Fri, Mar 15, 2024
पूछा माता जी कहां जा रहीं हैं, चलिए गाड़ी से घर पहुंचा दूं
डीएम की मानवीय संवेदना देखकर हैरान हुए ग्रामवासी
बहराइच। विकास खण्ड चित्तौरा के ग्राम धरसवां में जल जीवन मिशन अन्तर्गत ग्राम की पेयजल परियोजना के निरीक्षण हेतु जाते समय डीएम मोनिका रानी ने देखा की एक वृद्ध महिला लाठी के सहारे एक बच्ची के साथ खरामा-खरामा गांव की ओर जा रहीं है। यह नजारा देख कर डीम ने तत्काल अपनी गाड़ी को रूकवाया और नीचे उतर कर बुजुर्ग महिला का कुशलक्षेम जानते हुए पूछा माता जी कहां जा रही है, आपको पेंशन मिल रही है या नहीं। बुजुर्ग महिला फूलमती ने बताया कि उसे पेंशन मिल रही है और वह नातिन के साथ घर जा रही है। डीम ने कहा कि माता जी चलिए मैं अपनी गाड़ी से आपको घर छोड़ दूं। यह बात सुनकर वह एक बेटी, बहन, पत्नी, माता, नानी, दादी के किरदार में रंग भरते हुए बेशक कमर तो झुक गई है लेकिन हौसला आज भी चट्टान की तरह अडिग है, मुस्कुराते हुए डीएम को ढेरों दुआएं दी और विनम्रता के साथ कहा कि बेटी में पैदल ही अवने घर चली जाऊंगी। चलते चलते डीएम ने वृद्ध महिला से कहा कि आगामी लोकसभा के निर्वाचन में मतदान अवश्य करियेगा।
: जिलाधिकारी ने मतदान केन्द्र धरसवां व बहादुर चक का किया औचक निरीक्षण
Fri, Mar 15, 2024
मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था का लिया जायजा
ग्रामों में योजनाओं की जमीनी क्रियान्वयन का जाना हाल
पेयजल परियोजना का भी किया निरीक्षण
बहराइच। लोकसभा सामान्य निर्वाचन चुनावके दृष्टिगत मतदान केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था, मतदाता सूची की तैयारी, मतदाता पहचान पत्र वितरण, मतदान प्रतिशत इत्यादि के साथ-साथ विद्यालयों की साफ-सफाई, शिक्षकों छात्रों की उपस्थिति, शिक्षा की गुणवत्ता, एमडीएम तथा विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला अधिकारी मोनिका रानी ने विकास खण्ड चित्तौरा के मतदान केन्द्र धरसवां व बहादुर चक का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। डीएम ने ग्राम धरसवां मतदान केन्द्र पूर्व मा. विद्यालय पहुंचकर पाया कि मतदान केन्द्र पर विवरण अंकित नहीं किया गया है इस स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए खण्ड विकास अधिकारी सौरभ पाण्डेय को निर्देश दिया कि विकास खण्ड अन्तर्गत सभी मतदान केन्द्रों पर मतदान केन्द्र से सम्बन्धित विवरण अंकित कराने के साथ केन्द्र के सभी कक्षों में समुचित प्रकाश व्यवस्था के साथ-साथ मानक के अनुरूप अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराये। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति व एमडीएम की गुणवत्ता के लिए बनी तहड़ी को स्वयं चेक कर गुणवत्ता को भी परखा। शिक्षकों को निर्देश दिया कि तहड़ी में हरी सब्जियों का भी प्रयोग किया जाय इससे पोषण की मात्रा में इजाफा होगा। इस अवसर पर अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
: जनपद के गौरव घाटी की थाती है वृंदा शुक्ला!
Fri, Mar 15, 2024
बी.एस.परिहार/कुंवर दिवाकर सिंह
बहराइच। सामूहिक प्रगति के पथ पंथी एसपी वृंदा शुक्ला ने उन मीठंे जहर के सौदागारों को अपने रडार पर लिया। जो मादक पदार्थ के रूप में असमय मौत, कुपोषण तथा समाज में अपंगता परोस रहे है। जिसमें किसी वरवस मां के हृदय में लाल की लालसा। पिता का वात्सल्य। सुहागिन का सिंदूर और वाल्यकाल के सुनहरे सपने। चंद सिक्कों के विसात पर बलिवेदी पर बिछ रहे है। एसपी वृंदा शुक्ला के मर्मभेदी दृष्टि और उच्चाशायी संकल्प के परिणाम धरातल पर दिखाई देने लगे है। वृंदा के सत्त प्रयासों व उनके कार्यों के विविधि विषमताओं के बीच एक नई, ठोस और सांमजस्यात्मक शक्ति के रूप में उनके तस्कर उन्मूलन अभियान अंजाम की ओर अग्रसर है। बड़े धंधेबाज तो गिरफ्त में नहीं आये। यद्यपि धंधों में सेतु के भूमिका धर जरूर पुलिस के पकड़ में आने लगे। जिसमें अपमिश्रित मदिरा तथा दो चरस के कैरिंग कारोबारी है। यह आंशिक अभियान एसपी के चरम ध्येय और कर्तव्य की कड़ी है। एसपी साहिबा ने मादक पदार्थ के विष वमन से व्यथित परिणाम को नितान्त गंभीरता से लिया। जो उन परिजनों की मानसिक वेदना अपने आश्रितों के इर्द-गिर्द ममता के मनःभाव का घेरा होता है। फिर भी असहाय बेला को निरूपाय छोड़कर चल देता है। एसपी वृंदा शुक्ला ऐसे मौत के सौदागरों के लिए जेल के दरवाजे खुलवा दिए। जो जानलेवा नशे का विषपान परोसकर जीवन प्रलंयकारी कम्पी धक्कों से विनाश और विध्वंसक के नंगे नाच के गर्त में धकेलने के जिम्मेदार थे। एसपी वृंदा शुक्ला के इस प्रतिविम्वत मानवता को प्रणाम करते हुए इनके विराट मानवतावादी चेतना का पूरा समाज समर्थन करता है। वे इसके अतिरक्त लोकहितकारी अभियान के लिए भविष्य दृष्टा की संवाहक बन रही है। जिन यह पंक्तियां ’’जनपद की गौरव घाटी की थाती है वृंदा शुक्ला’’! पर फिट बैठती है।
तस्करों के दुर्ग में एसपी की सेंध
भारत-नेपाल की आलींगनवद्ध खुली सीमा। नेपाल से भारत में उद्गम भारत में उद्भव नदियों-नालों के डेल्टा और कछार। सरहद पर भारत के विशाल वानाच्छादित क्षेत्र। उसे पार करती अव्यवस्थित दुर्गम दुरूहतम पगड़ंडियां। मदिरा, मादक पदार्थो के तस्करों के लिए सदैव मुफीद रही। दोनों देशा में महफूज मादक पदार्थों के व्यवसायिक लम्बरदारान कैरियरो के जरिये अपना धंधा चला रहे है। जिसके पान के जद में हमारी युवा और पौढ़ पीढ़ी असमय मौत, कुपोषण तथा अपंगता का दारूण वरण कर रही है। एसपी वृदा शुक्ला तस्करों के कलिंजर किले को ध्वस्त करने के लिए व्यूह रचने के रण में मनसूबों की गांडीव टंकारती दिख रही है। जिसका आंशिक परिणाम में दरगाह और रूपईडीहा में दो पृथक-पृथक तिथियों में दो चरस तस्कर चरस खेप के साथ गिरफ्तार हुए। इन दोनों के पास से तीन किलो से अधिक मात्रा में चरस बरामद हुई। कहने-सुनने को यह तीन किलो चरस सामान्य लगता है। लेकिन इसके दुष्परिणाम पर आत्मिक दृष्टिपात करें तो अंजाम विकराल तथा भयावह है। अभ्यस्त नशाखोर के लिए एक ग्राम के चौथाई भाग में चार से पांच लोगों की तृप्ति हो जाती है। चूंकि यह सवा तीन किलो चरस यदि नशाखोरी बाजारों तक पहुंच जाती तो इसके कितने नये लोग शिकार होते। अंदाजा लगाना असम्भव। इस खेप की खपत से बची जिन्दिगियां अनजाने में ही सही वृंदा शुक्ला के ़ऋणी रहेगे। श्रृंखला की कड़ी में रूपईडीहा पुलिस 820 लीटर कच्ची अपमिश्रित दारू के साथ 9 लोगों को गिरफ्तार करने में सफल रही। जो इस दारू के साथ यूरिया खाद व नौसादर की बरामदगी की, जो शीघ्र तीव्रता इजाफा करने में काम आते है। नौसादर और यूरिया से इसके सेवनकर्ताओं की जाने, आंख व लीवर जाने का पूरी-पूरी सम्भावना रहती है। एसपी शुक्ला इन समाज राष्ट्रद्रोहियों के दुर्ग में संेध लगाने में फिलहाल सफल हुई।
एसपी की संतुष्टि जब, बड़े तस्कर जेल में हो तब
एसपी वृंदा शुक्ला ने दो चक्रों में बरामद चरस एवं उनमें हुई गिरफ्तारियों से पूर्ण संतुष्ट शायद नहीं है। इनके टारगेट पर बड़े मादक पदार्थों के कारोबारी है। जो कैरियरों को आगे कर पर्दे पीछे से जहर के सौदागर व्यवसायरत है। इनके चेन को हर हाल में तोड़ना वृंदा शुक्ला के लक्ष्य में है। एसपी शुक्ला के अर्जित जज्बे से तो यही लगता है कि वे अंतिम पडाव पर भले ही न पहुंचे लेकिन चेन को तोड़कर स्थिर ठहराव के मुकाम पर जरूर पहुंचेगी। ’’उनकी पूर्ण संतुष्टि जब, बड़े तस्कर जेल में तब’’। एसपी इस मुद्दे पर वेवाक टिप्पणी देती है कि जनपद में कई स्थानों पर नशाखोरी का धंधा चल रहा है। उन्हें स्थान भी पता है। रोकथाम के प्रयास किये जा रहे है। 20 से 30 प्रतिशत अभी सफलता मिली है। समय के साथ सब दुरूस्त हो जायेगा। वहीं आम जनमानस का मानना है कि मादक पदार्थ का धंधा स्थानीय स्तर पर पचास फीसदी से अधिक का ग्राफ गिरा है।
बलई गांव बना अवैध शराब निर्माण का कुटीर उद्योग
थाना मोतीपुर अन्तर्गत है एक गांव बलई गांव। बलई गांव कच्ची मानक विहीन शराब निर्माण एक कुटीर उद्योग बन गया है। बलई गांव नेपाल सीमा पर स्थित है। इस गांव में अवैध शराब निर्माण में कितनी भट्ठियां धधकती है अनुमान लगाना कठिन है। यहां की अवैध शराब गुड, यूरिया तथा नौसादर से तैयार की जाती है। जिसका न मानक न कोई डिग्री। इस मदिरा पान से जो बचे उसकी खुशकिस्मती ही। घरों में सुबह से शाम तक पियक्कड़ों की जमात ही जमात चहुंओर। 30 से 40 रूपये में पूरी की पूरी बोतल मिल जाती है। क्षेत्र में किसी के घर पियक्कड़ मेहमान आता है तो उसे बलई गांव ले जाते है। जरीकेन और मोटर के बड़ी टियूब में भरकर प्रतिदिन सैकड़ों से बहुत अधिक लीटर तक अवैध कच्ची दारू का निर्वाध व्यापार होता है। यहां से सस्ती दरो में खरीदकर दूर-दूर तक ले जाकर काफी मुनाफे में चोरी छिपे विक्री करते है। बलई गांव की अवैध दारू दौलतपुर, चौकसाहार, रायबोझा, जालिमनगर तक बिकती है। आश्चर्य का विषय तो यह है कि न तो इस धंधे पर अंकुश लगाने के लिए एसएसबी करती है और न ही मोतीपुर पुलिस। इसके पीछे जो भी वजह हो। लेकिन अभयदान के पीछे कोई न तो कोई हितार्थ कारण तो जरूर होगे। मोतीपुर क्षेत्र में बलई गांव के अवैध दारू निर्माण के चलते कई सरकारी देशी मदिरा की दुकाने घाटे में होने से ठेकेदार बीच में छोड़ दिए। ठेकेदार टेन्डर डालने से भी कतराते है।