ब्रेकिंग

अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

डीएम की अध्यक्षता में तहसील सदर में सम्पन्न हुआ सम्पूर्ण समाधान दिवस

शनिवार को दिन भर पुल पर रंगाई-पुताई, डामरीकरण, सड़क मार्किंग का काम युद्धस्तर पर जारी रहा

अब बांग्लादेश के मरीज नेपाल के विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श प्राप्त कर सकेंगे

शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं

Ad

: जब पेड़ लगाएं सब इंसान तब होगा मानव का कल्याणः एपीओ आलोक

कैसरगंज, बहराइच। अपराजिकता सामाजिक समिति व अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में चल रहे ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत कैसरगंज के 5 ग्राम पंचायतों सिदरखी, सराय कनहर, परसेंडी, भखरौली कनपुरवा, भखरौली मुंगेशपुर में नारी संघ की महिलाओ द्वारा 5 जून को पर्यावरण दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। जिसमे अपराजिता के कार्यकर्ताओं ने पूरा सहयोग किया। कार्यक्रम की शुरुआत नारी संघ की महिलाओं द्वारा आमंत्रित मनरेगा अधिकारी एपीओ आलोक मिश्रा ने पर्यावरण दिवस पर संबोधन देकर किया। उन्होंने बताया कि पेड़ लगाना पृथ्वी के लिए वरदान से कम नहीं वृक्ष हमें शुद्ध हवा देते हैं। इसी के साथ उन्होंने नारी संघ महिलाओ का मनरेगा के बारे में ज्ञान वर्धन कर उनके कई सवालों का जवाब भी दिया। उन्होंने मनरेगा की कई सारी स्कीमों के बारे में भी बताया। इसी क्रम में परियोजना निदेशक किरण बैस ने पर्यावरण दिवस का महत्व बताया कि दुनिया में लगातार प्रदूषण बढ़ रहा है। इसी बढ़ते प्रदूषण के कारण प्रकृति पर खतरा बढ़ रहा है। जिसे रोकने के उद्देश्य से पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत हुई। ताकि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाए और प्रकृति को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रेरित किया जा सके। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा पहली बार पर्यावरण दिवस की शुरुआत 5 जून 1972 को की थी। इसी के बाद से हर साल लगातार 5 जून से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाने लगा। परियोजना समन्वयक अर्पिता सिंह ने बताया की इस दिन प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए लोग पौधरोपण करते हैं। पेड़-पौधे ऐसी सम्पदा हैं जो मनुष्य को हर प्रकार से लाभ पहुंचाते हैं। इनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।ये वातावरण को शुद्ध रखने के साथ ही हमारे अंदर सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार बनाकर रखते हैं। सीएलडब्लू नमन सिंह व सोनी पाल ने ग्लोबल वार्मिंग के बारे में बताया कि हमने ग्लोबल वार्मिंग के बारें में सुना तो जरूर होगा लेकिन इसका अर्थ क्या है अधिकांश लोग नहीं जानते होंगे। हमारी धरती पर जो तापमान लगातार बढ़ रहा है और मौसम में परिवर्तन हो रहा है, वह सब ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो रहा है। जिसमे मुख्य भूमिका कार्बन-डाई-ऑक्साइड की है। इसलिए हमें अधिक से अधिक पेड़ पौधे लगाने चाहिए और वृक्षों कि कटाई नहीं करनी चाहिए। ग्लोबल वार्मिंग से धरती पर रह रहे सभी जीव-जंतु, मनुष्य, पेड़-पौधो को नुकसान पहुंच रहा है। आरती और सी. एल. बाजपेई ने किसानों को पराली न जलाने पर प्रेरित करते हुए जागृत किया कि केंचुआ को किसानों का दोस्त माना जाता है। क्योंकि यह जमीन को भुरभुरा बनाता है। जिससे उसकी उर्वरक शक्ति बढ़ती है, लेकिन पराली जलाने से केंचुआ व नाइट्रोजन पहुंचाने वाली राइजोबिया बैक्टीरिया मर जाती है। इसे 1981 के वायु रोकथाम और प्रदुषण नियंत्रण अधिनियम के तहत अपराध माना गया है। इसी क्रम में महिलाओं व बच्चों ने प्रकृति की सुरक्षा हेतु शपथ लिया। ‘‘हम सब आज शपथ लेते हैं कि दुनियाँ को ग्लोवल वार्मिंग से बचाने के लिए, हम पर्यावरण को हरा भरा बनाने के सभी सम्भव प्रयास करेंगे। अधिक से अधिक पौधों को लगाकर उन्हें वृक्ष बनाने में अपना सहयोग देंगे। और पहले से लगे वृक्षों को कटने से बचाने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे।‘‘ तत्पश्चात पौधरोपण किया और बाकी महिलाओं व बच्चों को पौध वितरित कर अधिक से अधिक पौध लगाने के लिए प्रेरित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में किरण बैस, अर्पिता सिंह, सोनी पाल, नमन सिंह, आरती श्रीवास्तव, सी. एल. बाजपेई, रूबी वर्मा, नारी संघ की सभी महिलाएं एवं बच्चों ने भागीदारी की।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें