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शस्त्र अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं

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: अंतिम संस्कार न करने ने को लेकर अड़े ग्रामीण

पुलिस छावनी में तब्दील रहा हसुआपारा गांव
बहराइच। थाना पयागपुर के हसुआपारा गांव निवासी एक बंदी की जिला कारागार में गुरुवार को मौत हो गई थी। डॉक्टरों की टीम ने शव का रात में ही पोस्टमार्टम कर दिया था। शव घर पहुंच गया है लेकिन शुक्रवार दोपहर तक शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया गया है। गांव में तीन थानों की पुलिस फोर्स और दो सीओ निगरानी कर रहे हैं। पयागपुर थाना क्षेत्र के हंसुआपारा गांव निवासी ताहिर को पुलिस ने चार अन्य के साथ बीते 1 अगस्त को जेल भेज दिया था। सभी पर तिरंगे के अपमान का आरोप लगा था। जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदी की गुरुवार दोपहर में मौत हो गई थी। विचाराधीन बंदी की मौत के मामले में परिवार और गांव के लोगों में काफी नाराजगी है। सभी का कहना है कि ताहिर को जिस दिन घटना में दिखाया गया है। वह उस दिन क्षेत्र में नहीं थे। साथ ही पुलिस ने गांव के दो लोगों की मदद से मिलकर उनका नाम शामिल कर जेल भेज दिया था। सभी ने एसडीएम पर शांति भंग की धारा में जेल भेजने का विरोध किया था। सभी मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। शव पोस्टमार्टम के बाद रात में ही गांव भेज दिया गया। लेकिन शुक्रवार दोपहर तक ताहिर के शव को कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक नहीं किया गया। गांव में तनाव है। तनाव को देखते हुए पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा ने पयागपुर, फखरपुर और विशेश्वरगंज थाने की फोर्स को भेजा है। पुलिस अधिकारी परिवार के लोगों से बात कर रहे हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक परिवार के लोगों ने अभी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है।

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