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: नेपाली युवती को शादी व नौकरी का झासा दे कर ले जा रहा था नेपाली युवक

एसएसबी द्वारा रेस्क्यू कर युवती की बचाई जान, अभियुक्त गिरफ्तार
रूपईडीहा, बहराइच। बीते मंगलवार को समय 04ः30 बजे सीमा चौकी रुपईडीहा पारगमन मार्ग पर चेकिंग फ्रेस्किंग ड्यूटी के दौरान नेपाल से भारत की तरफ आ रहे एक नेपाली युवक व एक नेपाली युवती को शक के आधार पर रोका गया। तैनात एनजीओ (मानव सेवा संस्थान ) व एएचटीयू टीम के द्वारा पूछताछ किया गया। पूछताछ के दौरान युवक तथा युवती द्वारा चाचा-भतीजी, भाई-बहन और प्रेमी होने का अलग-अलग बयान दिया गया। जिसके उपरांत संभावित मानव तस्करी का मामला संज्ञान में आया। तत्पश्चात समवाय प्रभारी रुपईडीहा द्वारा उपरोक्त दोनों से पूछताछ किया गया। जिसमे लड़के ने अपना नाम कमल विका पुत्र वीर बहादुर विका उम्र 20 वर्ष, पता दैलेख जेरेमस, जनपद दैलेख नेपाल और युवती ने अपना नाम पवित्रा वीके, उम्र 16 वर्ष, पुत्री शेरे, पता दैलेख जैरेमस, जनपद दुल्लू (नेपाल) बताया। उसके बाद पुनः गहन पूछताछ के दौरान दोनों ने बताया कि अहमदाबाद जाकर हम दोनों शादी करेंगे। उसके बाद नौकरी करके अपना जीवन यापन करेंगे। तब सम्भावित अभियुक्त को बताया गया कि आप किसी नाबालिक लड़की को अपने साथ काम करने के लिए नही ले जा सकते हो यह कानूनन अपराध हैं। पुनः बातचीत के बाद पीड़ित से अभियुक्त के बारे में पूछा गया कि तुम दोनों एक दुसरे को कैसे जानते हो। पीड़ित के द्वारा बताया गया कि मैं एक माह से फेसबुक के माध्यम से जानती हूँ। उसके बाद पीड़ित द्वारा पुनः बताया कि यह मेरी बुआ का लड़का हैं इसके साथ काम करने के लिए भारत जा रही हूँ। दोनों के द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर समवाय प्रभारी द्वारा अभियुक्त और पीड़ित के परिवार वालो से इस विषय पर जानकारी लेने के लिए दोनों के घर पर बात करने की कोशिश की गयी। दोनों बात कराने में असमर्थ रहे तथा अलग अलग लोगो से बात करने लगे जो उनके ही मित्र थे। उसके बाद नेपाल पुलिस और एनजीओ को सही सलामत सुपुर्द कर दिया गया। 42वीं वाहिनी कमांडेंट गंगा सिंह उदावत द्वारा बताया गया कि अभियुक्त ने किशोरी को भारत में शादी व काम करने का झासा दे कर ले जा रहा था।

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