: मनमाफिक पैसा न मिला तो बगैर इलाज प्रसूता को किया वापस
Sun, Oct 15, 2023
प्रसूताओं के जीवन से खिलवाड़ कर रही महिला चिकित्सक
शहर के मेडिकल कालेज का मामला
पीड़ित ने स्वास्थ्य मंत्री को भेजा शिकायती पत्र
बहराइच। महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कालेज के महिला विंग में तैनात महिला चिकित्सक प्रसूताओं के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। अस्पताल पहुंची प्रसूता को मनमुताबिक पैसे न देने पर इलाज के बगैर वापस कर दिया गया। तीमारदारों को बताया गया कि पेट में बच्चे की मौत हो चुकी है। इसका इलाज यहां सम्भव नहीं है। बावजूद इसके 4,000 हजार रूपये प्रसूता के परिजनों से वसूलकर बगैर इलाज अस्पताल से वापस कर दिया गया। गौरतलब हो कि थाना बौण्डी अन्तर्गत ग्राम मुरौव्वा निवासी कुंवर बहादुर उर्फ बब्बू सिंह पुत्र सूर्यभान सिंह ने अपने बहू सुनीता सिंह पत्नी मृत्युजय को बीते 13 अक्टूबर को जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। जहां डा.अंजू श्रीवास्तव द्वारा प्रसूता को देखकर शाम तक डिलेवरी होने की बात कही। बाद में चिकित्सक डा.अंजू श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि पेट में बच्चे की मौत हो चुकी है। 10 हजार रूपये लाओं आपरेशन करना पड़ेगा। परिजनों ने किसी तरह कर्ज लेकर 4 हजार रूपये चिकित्सक को दिया। बावजूद इसके 6 हजार रूपये न मिलने के चलते बगैर इलाज प्रसूता को अस्पताल से वापस कर दिया और कहा कि पेट में बच्चे की मौत हो चुकी है। अपना मरीज ले जाओं। परिजनों से सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिया। जिस पर परिजन किसी तरह पैसे की व्यवस्था कर प्रसूता को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां तुरन्त ही आपरेशन द्वारा स्वस्थ बेटी ने जन्म दिया। जहां अब जच्चा व बच्चा दोनों स्वस्थ है। पीड़ित ने मामले में स्वास्थ्य मंत्री को शिकायती पत्र भेजकर चिकित्सक के विरूद्ध कार्रवाई कर अस्पताल से हटाने की मांग की है। मामले में जब मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा.संजय खत्री से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई शिकायत मेरे संज्ञान में अभी तक नहीं आयी है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित करायी जायेगी।
: मदनी इंटर कालेज में तीन दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण का समापन
Sat, Oct 14, 2023
आपदा से तत्काल निपटने की दी गई जानकारियां
कैसरगंज, बहराइच। स्थानीय मदनी इंटर कालेज में भारत स्काउट और गाइड उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में आयोजित प्रथम सोपान प्रशिक्षण शिविर का समापन शनिवार को हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कैसरगंज आनन्द कुमार यादव, विशिष्ट अतिथि समाजसेवी दाता राम मौर्या रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंधक हाजी रईस अहमद कासमी ने किया। कार्यक्रम का संचालन जिला संगठन आयुक्त स्काउट कल्लन इदरीसी ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य डा.अरशद रईस ने मुख्य अतिथि, विशिष्ठ अतिथि एवं प्रबन्धक को माला पहनाकर स्वागत किया साथ ही साथ अंग वस्त्र भेंट किया। सभी अतिथियों ने बच्चों के द्वारा बनाए गए टेंट एवं हस्त निर्मित चीजों का निरीक्षण किया एवं उत्साह वर्धन किया। मुख्य अतिथि विधायक कैसरगंज आनन्द कुमार यादव ने बच्चों को अनुशासन का महत्व बताया। बच्चो द्वारा बनाए गए टेंट, हस्त निर्मित चीजों एवं बिना बर्तन के बने स्वादिष्ट भोजन को देख कर स्काउटिंग गाइडिंग को जीवन जीने की कला के साथ ही साथ आशीर्वाद दिया। विद्यालय के प्रबंधक हाजी रईस अहमद द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ क्षेत्र में किए गए कार्यों की भूरि भूरि प्रसंशा करते हुये कहा कि वह हमारे क्षेत्र के सर सैय्यद हैं, इन्होंने हमारे क्षेत्र में इस इंटर कॉलेज के साथ उस्मानिया इस्लामिक स्कूल एवं मदरसा दारुस्सलाम की स्थापना किया एवं उत्तम स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करने के लिये मदनी हॉस्पिटल की स्थापना किया। जहाँ क्षेत्र के ऐसे गरीब एवं असहाय लोगों को भी उत्तम स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की जाती हैं। जिनका इलाज बड़े शहरों एवं सरकारी अस्पतालो में निर्धनता के कारण नहीं हो पाता है। विशिष्ट अतिथि दाता राम मौर्या ने अपने वक्तव्य में बच्चों द्वारा भारत के महान विभूतियों के नाम पर अपने टोलियों का नामकरण करने की सराहना की एवं बच्चों को उनके जैसा बनने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय प्रधानाचार्य ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को बताया कि स्काउटिंग गाइडिंग बच्चों में देश सेवा एवं समाज सेवा के लिए प्रेरित करती है साथ ही साथ बच्चों को एक बेहतर इंसान बनाती हैं इसलिए बच्चों को कुछ भी बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना चाहिए। स्काउटिंग गाइडिंग में बच्चों को बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग करना चाहिए। प्रशिक्षक के रूप सुश्री कायमा इस्लाम जिला संगठन आयुक्त गाइड ने प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को प्राथमिक उपचार, सहायता, वर्दी, सीटी के संकेत, खोज के चिन्ह, गांठ बन्धन एवं टेंट लगाना आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। स्काउट गाइड के द्वारा हम अपने दैनिक जीवन में आपदा से तत्काल किस परिस्थितियों से निपटेंगे इसके बारे में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर विद्यालय के अतीक अहमद, रियाजुर्रहमान मलिक, रजनीश कुमार पाठक, मुशीर अहमद, असद रईस, सरोज खान, शिल्पी श्रीवास्तव, मौलाना मोहम्मद आमिर, अंकित कुमार मिश्रा, अहमद रईस, अभिषेक यज्ञसैनी, मोनिश अहमद, विवेक त्रिवेदी, सुभाष यादव अखलद रईस, मौलाना अल्ताफ आदि उपस्थित रहे।
: प्रेरणादायी है मोनिकारानी की आईएएस बनने की कहानी
Sat, Oct 14, 2023
घर और बच्चा भी संभाला, नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी भी की, ऐसा रहा आईएएस बनने का सफर
मोनिका रानी को चौथे प्रयास में मिली सफलता
बहराइच। यूपीएससी में सफलता हासिल करना आसान नहीं है। अगर आपके पास एक सपना है और उसे पूरा करने की हिम्मत है तो आप इस परीक्षा को पास कर सकते हैं। आज हम आपको एक अनोखी यूपीएससी की सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं। शादीशुदा महिलाएं अपना घर संभालते हुए भी आईएएस बन सकती हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं डीएम मोनिका रानी।. यूपी के बहराइच जिले में डीएम के पद पर तैनात मोनिका रानी इन दिनों चर्चा में है।. मोनिका ने डीएम आवास में पिछले 32 साल से कुक के रूप में तैनात इंद्र बहादुर को रिटायरेंट की विदाई अनोखे अंदाज में दी। मोनिका का नाम यूपी के तेज तर्रार आईएएस ऑफिसर में लिया जाता है।. मोनिका रानी ने शादी के बाद (यूपीएससी) सिविल सर्विस परीक्षा शानदार रैंक के साथ क्रैक की। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था। आइए उनके संघर्ष पर एक नजर डालते हैं।
2010 बैच की रही आईएएस
मोनिका रानी साल 2010 बैच की आईएएस ऑफिसर हैं। उन्हें यह सफलता चौथे प्रयास में मिली है। आईएएस बनने से पहले मोनिका एक सरकारी स्कूल में टीचर रह चुकी हैं। उनका बचपन से सपना आईएएस बनने का था। उनके भाई ही उनके आदर्श थे। वह अपने भाई को घंटों पढ़ाई करते देखती थीं। मोनिका की शादी साल 2005 में हो गई थी।. शादी के बाद घरेलू जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई का साथ नहीं छोड़ा। वह दिल्ली के बिजवासन में एक सरकारी स्कूल में टीचर रहीं। टीचर की जॉब करने के साथ-साथ वह यूपीएससी की तैयारी करती रहीं।
बच्चे को संभालते हुए की पढ़ाई
मोनिका रानी का बेटा 8 महीने का था जब उन्होंने यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला लिया। मोनिका के पति कोलकाता में पोस्टेड थे। घर की जिम्मेदारी अकेले संभालते हुए मोनिका ने यूपीएससी की परीक्षा दी। हालांकि उन्हें चौथें प्रयास मे सफलता हासिल हुई। मोनिका ने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए यूपीएससी परीक्षा क्रैक कर ली। उन्हें यूपीएससी 2010 की सिविल सर्विस परीक्षा में 70वां रैंक प्राप्त हुआ था। मोनिका ने जब यूपीएससी परीक्षा क्रैक की तब वह 29 साल की थी। मोनिका रानी इन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। ऐसी सफलता किसी को नहीं मिली, इस लेडी ने आईएएस बनकर तोड़ दिये रिकॉर्ड।