: चीनी मिल अधिकारियों की प्रताड़ना से हुई बेटे की मौत
Mon, Sep 16, 2024
पिता ने लगाया आरोप, सीएम, डीजीपी, डीएम व एसपी से शिकायत
बहराइच। चीनी मिल अधिकारियों की प्रताड़ना के चलते मेरे बेटे की मौत हो गई। अधिकारियों ने टेंडर के नाम पर पैसे ले लिए उसके बाद टेंडर किसी और को स्वीकृत कर दिया गया। बेटे को प्रताड़ित किया गया तथा उसके साथ मारपीट की गई। जिसके चलते अवसाद में उसकी ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। पीड़ित पिता द्वारा किसान सहकारी चीनी मिल नानपारा के अधिकारियों के विरुद्ध आरोप लगाते हुए सीएम, डीजीपी, डीएम व एसपी को शिकायती पत्र भेजकर उनके विरुद्ध जांच की मांग की है। कोतवाली नानपारा अंतर्गत निकट तुलसी टाकीज निवासी रामनारायन सिंह द्वारा मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीएम व पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेज कर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उनका बेटा सूर्य प्रकाश सिंह रुद्रांश इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का काम देखता था। चीनी मिल प्रशासन द्वारा परिसर में लगे सेमल के पेड़ों की कटाई का टेंडर निकलवाया था। जिसमें मेरे बेटे ने भी टेंडर डाला था उसका टेंडर रेट सबसे अधिक रेट का था। बावजूद इसके चीनी मिल के महाप्रबंधक, सीए, आसवानी इकाई के मैनेजर व एक अन्य व्यक्ति द्वारा मेरे बेटे को बरगलाकर लगभग तीन लाख रुपए ले लिया गया तथा उसका टेंडर भी स्वीकृत नहीं किया गया। जब उसने मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत की तो उसको प्रताड़ित किया गया तथा मारपीट भी की गई तथा दबाव डालकर उससे हलफनामा लिखवा लिया गया। जिसके चलते अवसाद में आकर उसको बीते 14 अगस्त को ब्रेन हेमरेज हो गया। बहराइच मेडिकल कालेज से राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ में इलाज के दौरान उसकी 20 अगस्त को मौत हो गई। पिता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि मेरे बेटे की मौत के जिम्मेदार चीनी मिल के उच्च अधिकारी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, डीजीपी, डीएम व एसपी को शिकायत पत्र भेज कर न्यायिक जांच कराते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गयी कि यदि कार्रवाई न हुई तो परिवार समेत आमरण अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। वहीं आरोपों पर जब नानपारा चीनी मिल के महाप्रबंधक व सीए से उनके मोबाइल पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि सारी टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से अपनाई गई है। उनके द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार और झूठे हैं। मैनेजमेंट कहीं भी किसी तरह से दोषी नहीं है। जिस फर्म का टेंडर सबसे अधिक था नियमानुसार उसको टेंडर स्वीकृत हुआ। हालांकि उनके बेटे की मौत पर हम लोगों को दुख अवश्य है।
: श्रद्धा के साथ करें श्राद्ध, जीवन में आ रही बाधाएं होगी समाप्तः रमेश चन्द्र शास्त्री
Mon, Sep 16, 2024
पितृ पक्ष का आरंभ 18 सितंबर से
श्रद्धा के साथ श्राद्ध के करें कार्य
बहराइच। काशी हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विश्व पंचांग के अनुसार तो पितृ पक्ष का आरंभ 17 सितंबर से होने जा रहा है। लेकिन इस दिन श्राद्ध नहीं किया जाएगा। क्योंकि 17 सितंबर इस दिन भाद्रपद पूर्णिमा का जो व्रत रहेगा। 18 सितंबर को प्रातः 08ः 51 मिनट तक पूर्णिमा तिथि रहेगी और प्रतिपदा तिथि क्षय में रहेगी इसलिए 18 सितंबर को ऋषि श्राद्ध (पूर्णिमासी का श्राद्ध) और प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध रहेगा। ऐसे में 18 सितंबर से पिंडदान, ब्राह्मण भोजन, तर्पण, दान आदि कार्य आरंभ हो जाएगा। पितृ पक्ष का आरंभ देखा जाए तो 18 सितंबर से हो रहा है और 02 अक्टूबर तक यह चलेगा।
श्राद्ध की सभी तिथियां
18 सितंबर बुधवार प्रर्णिमा श्राद्ध (ऋषियों के नाम से तर्पण)
18 सितंबर बुधवार प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध (पितृपक्ष आरंभ)
19 सितंबर गुरुवार द्वितीया तिथि का श्राद्ध।
20 सितंबर शुक्रवार तृतीया तिथि का श्राद्ध।
21 सितंबर शनिवार चतुर्थी तिथि का श्राद्ध।
22 सितंबर शनिवार पंचमी तिथि का श्राद्ध।
23 सितंबर सोमवार षष्ठी और सप्तमी तिथि का श्राद्ध।
24 सितंबर मंगलवार अष्टमी तिथि का श्राद्ध।
25 सितंबर बुधवार नवमी तिथि का श्राद्ध।
26 सितंबर गुरुवार दशमी तिथि का श्राद्ध।
27 सितंबर शुक्रवार एकादशी तिथि का श्राद्ध।
29 सितंबर रविवार द्वादशी तिथि का श्राद्ध।
30 सितंबर सोमवार त्रयोदशी तिथि का श्राद्ध।
01 अक्टूबर मंगलवार चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध।
02 अक्टूबर बुधवार सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध।
पितरों की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय 11.30 से लगभग 12.30 बजे तक का
इस समय श्राद्ध करना सबसे उत्तम है। शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में सुबह और शाम के समय देवी देवताओं की पूजा की जाती है और पितरों की पूजा के लिए दोपहर का समय होता है। पितरों की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय 11.30 से लगभग 12.30 बजे तक का समय सबसे उत्तम होता है। इसलिए लिए आपको पंचांग में अभिजीत मुहूर्त देखने के बाद ही श्राद्ध कर्म करें। श्रद्धा के साथ श्राद्ध के कार्य करें इसलिए ही इसे श्राद्ध कहते हैं। जिस भी दिन श्राद्ध कार्य करते हैं उस दिन ब्राह्मण को भोजन जरूर कराएं। साथ ही दान दक्षिणा दें। श्राद्ध वाले दिन गाय, कुत्ता, कौवा और चींटी को भी भोजन कराया जाता है।
बाक्स
पितृदोष से बचने के लिए करें ये उपाय
बहराइच। आचार्य रमेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बार-बार जीवन में असफलता, लगातार एक के बाद एक आर्थिक हानि और घर परिवार में लड़ाई झगड़े होते हैं या फिर संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है तो यह सब पितृ दोष का कारण हो सकता है। इसलिए पितृपक्ष में पूर्वजों को याद करके उन्हें श्रद्धांजलि दें उनके नाम से दान आदि का कार्य करें। साथ ही श्रद्धा पूर्वक पूरे विधि विधान से उनका श्राद्ध करें। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। पितृ दोष निवारण के लिए पितृपक्ष में श्रीमद् भागवत महापुराण का संपूर्ण मूल पाठ करने अथवा करवाने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पुराण के अनुसार धुंधकारी नामक पितृ के उद्धार के लिए गोकर्ण जी महाराज ने उसे भागवत महापुराण का मूल पाठ श्रवण कराया था जिससे उसकी मुक्ति हुई। महापुराण के अनुसार जो व्यक्ति श्रद्धा अनुसार पितृपक्ष में पितरों का श्राद्ध करता है उसके जीवन में आ रही बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।
: बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दी गई निःशुल्क दवाएं
Mon, Sep 16, 2024
सभी बच्चों को स्टेशनरी व स्वच्छता किट वितरित
नीलसागर सेवा आश्रम में आश्रित बच्चों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गई
रुपईडीहा, बहराइच। पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल उप महानगरपालिका जिला बांके में गोपाल-नीना फाउंडेशन ने स्थानीय नीलसागर सेवा आश्रम में आश्रित बच्चों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। राष्ट्रीय बाल दिवस के अवसर पर शनिवार को आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में आश्रित बच्चे लाभान्वित हुए। गोपाल-नीना फाउंडेशन के सह-निदेशक डा. तृप्ति पाल रमन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आश्रम में अधिकांश बच्चे जिनके कोई आश्रित माता-पिता नहीं थे और जिन्होंने अपने रिश्तेदारों को खो दिया था, उन्हें चकत्ते, शरीर में खुजली, त्वचा, दांत और मुंह की समस्याएं थीं। डा. तृप्ति पाल रमन ने कहा कि जिन लोगों को ऐसी समस्या थी उन्हें मुफ्त दवाएं भी वितरित की गईं और स्वास्थ्य परामर्श सेवाएं भी प्रदान की गईं। फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष डा. गौरव श्रेष्ठ के अनुसार, गोपाल-नीना फाउंडेशन ने आश्रम के आश्रितों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच और दवाएं वितरित कीं। साथ ही सभी बच्चों को स्टेशनरी किट और स्वच्छता किट भी वितरित कीं। आहार कार्यक्रम में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डा नीना श्रेष्ठ, फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष/आयोजक टीम के डा. गौरव श्रेष्ठ एवं अन्य अतिथियों ने भोजन परोसा। आश्रम की प्रभारी अलीसा चौधरी एवं सामना नील सागर के अनुसार आश्रम के सभी बच्चों को स्टेशनरी वितरित की गई। विशेष स्वास्थ्य शिविर में डा. सचिन शाह, डा. कमल जंग शाही, बांके डेंटल क्लीनिक के डा. शालिनी मिश्रा पाठक, डा. दिल बहादुर संत्याल और डा तृप्ति पाल रमन ने स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श सेवाएं प्रदान कीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में फाउंडेशन के विपुल वर्मा, दिलीप गिरी, कल्पना चौधरी, भावना पौडेल ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नीना श्रेष्ठ, फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष डा. गौरव श्रेष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार पूर्ण लाल चुके, अधिवक्ता एवं फाउंडेशन सदस्य लोक बहादुर शाह, बांके डेंटल क्लीनिक के मालिक सुरेंद्र सिंह सरदार और अन्य ने संबोधित किया। इसी प्रकार दवा बाजार प्रतिनिधि संगठन नेपालगंज के प्रतिनिधि कुणाल लाखेर, बिपिन कुमार गुप्ता, प्रवीण ठाकुर, नीरज पटेल, प्रकाश कलुनी, कमलेश कर्ण, भरत ओझा और चेतराज ओझा तथा एलएबीएल नेपालगंज के प्रतिनिधि रोहित कुमार भट्ट, अमित पांडे, विनोद अधिकारी ने भी डाक्टरों का सहयोग किया। पश्चिम नेपाल के सुप्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक डा. गोपाल प्रसाद श्रेष्ठ एवं सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नीना श्रेष्ठ के नाम पर उनके सुपुत्र वरिष्ठ पेट्रोलॉजिस्ट डा. गौरव श्रेष्ठ की अध्यक्षता में एक साल पहले स्थापित यह फाउंडेशन विभिन्न सामाजिक गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवा संबंधी कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। नेपालगंज-10 निवासी सुप्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक द्वय श्रेष्ठ 51 से अधिक वर्षों से नेपालगंज में चिकित्सा सेवा में कार्यरत हैं।