: संदिग्ध परिस्थितियों में कटान पीड़ित दलित महिला का घर स्वाहा
Tue, Dec 19, 2023
बहन की शादी का सामान व घर ग्रहस्थी जली
थाना हरदी के पत्तेपुरवा की घटना
बहराइच। घाघरा की कटान में अपना घर जमीन गंवाने के बाद बांध किनारे झोपड़ी बना कर रह रही दलित महिला का घर संदिग्ध परिस्थितियों में जल गया। आगजनी के चलते घर गृहस्थीं का सारा सामान व उसके बहन की शादी के लिए घर में रखा सारा सामान भी जलकर स्वाहा हो गया। पीड़िता ने मामले में गांव के ही एक व्यक्ति को नामजद कर घर जलाने का आरोप लगाते हुए हुए थाने में तहरीर दी है। गौरतलब हो कि तहसील महसी के ग्राम मुरौवा की मूल निवासिनी उमा देवी पुत्री बदलू राम का घर कई वर्षों पूर्व घाघरा कटान में समाहित हो गया था। जिसके बाद वह थाना हरदी अंतर्गत फतेहपुरवा में बांध के किनारे झोपड़ी बनाकर रह रही थी। बीती रात्रि उसका घर अचानक जल गया। घर में रखा चालीस हजार रुपया भी उठा ले जाने का आरोप है। पीड़िता आंगनबाड़ी कार्यकत्री है तथा उसकी बहन पंचायत सहायक है। उसकी बहन की शादी आगामी दिनों में होने वाली थी। जिसके चलते शादी का सामान भी घर में रखा था। वह भी आगजनी की भेंट चढ़ गया। पीड़िता बीएलओ का काम भी करती है। जिसके चलते उसके सरकारी कागजात भी आग में स्वाहा हो गए। मामले में पीड़िता ने थाना हरदी में एक व्यक्ति को नामजद करते हुए घटना की तहरीर दी है। मामले में थाना प्रभारी हरदी ने बताया कि पीड़िता आरोप लगाने वाले व्यक्ति के साथ जमीन बैनामा को लेकर पैसों का लेनदेन का मामला था। मामले में जांच की जा रही है। मौके पर पुलिस भेजी गई थी। जो सत्यता होगी उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
: राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां व ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया
Tue, Dec 19, 2023
सेनानी उत्तराधिकारियों ने तीनों क्रांतिकारियों को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में मंगलवार को भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी इतिहास के सबसे प्रखर प्रहरी पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया। उपस्थित सेनानी उत्तराधिकारियों ने तीनों क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन संरक्षक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल क्रांतिकारियों में सबसे उम्रदराज अनुभवी क्रांतिकारी थे। वे मैनपुरी षड्यंत्र, काकोरी काण्ड जैसी कई घटनाओं में शामिल थे। वे रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्य थे। उन्हें अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह के साथ 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई। ‘‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है…नामक क्रांतिकारी गीत और नारा इन्हीं का बनाया हुआ है। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि अशफाक उल्ला खां एक प्रसिद्ध क्रांतिकारी देशभक्त थे। वे पूरे जीवन हिन्दू मुस्लिम एकता के पक्षधर रहे। बंगाल के क्रांतिकारियों का उनके जीवन पर बहुत प्रभाव था। पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को वो अपना सहोदर भाई मानते थे। चौरी चौरा घटना के बाद जब महात्मा गांधी जी ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया तो अशफाक उल्ला खां असंतुष्ट हो गये थे। समाजसेवी एवं अधिवक्ता राम रूप मिश्र ने कहा कि ठाकुर रोशन सिंह भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक क्रांतिकारी सेनानी थे। काकोरी काण्ड के 4600/- रूपए की लूट करने वाले इन क्रांतिकारियों को गिरफतार करने के लिए 10 लाख रुपए ब्रिटिश सरकार ने खर्च किये। उनके द्वारा कारित 9 अगस्त1925 को काकोरी काण्ड की घटना ब्रिटिश सरकार के खिलाफ युद्ध में हथियार खरीदने के लिए एक ट्रेन से ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटने की थी। अन्त में सेनानी उत्तराधिकारियों एवं समाजसेवी पवन सिंह, सहीम, संतोष सिंह, रवि जायसवाल, अधिवक्ता राजेश शर्मा ने इन तीनों शहीदों की यशगाथा का क्रम वार वर्णन किया और उनके आदर्शों पर चलने के संकल्प के साथ कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।
: अच्छे उत्पादन के लिए किसान नई गन्ना प्रजातियो का करें चयन
Mon, Dec 18, 2023
किसान वैज्ञानिक विधि द्वारा ही करे खेती जिससे उत्पादन में निरंतर हो बढ़ोतरी
मुख्य गन्ना प्रबंधक ने किसानों को किया जागरूक
किसान अभी से आगामी बसंत कालीन बुवाई के लिए बीज करें सुरक्षित
परसेण्डी, बहराइच। पारले कंपनी के एसोसिएट मुख्य गन्ना प्रबंधक संजीव राठी द्वारा क्षेत्र के किसानों को लगातार क्रय केन्द्रों एवं संबंधित ग्रामों में संपर्क कर जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को क्रय केंद्र पदमपिछौरा प्रथम, पदमपिछौरा द्वितीय, करीमुलाहपुर, कंदरा, जगतापुर व हुजूरपुर के किसानों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि अभी से आगामी बसंत कालीन बुवाई के लिए बीज सुरक्षित कर लें। जिससे अधिक से अधिक क्षेत्रफल में किसानों के पास नई प्रजातियों का बीज तैयार हो जाये। अच्छे उत्पादन में गन्ना प्रजातियों का बहुत अधिक महत्व है। इसलिए 15023,14201 अधिक से अधिक लगाए। बीज के लिए अपने सम्बंधित गन्ना अधिकारी से मिले। इसके अलावा कंपनी को साफ एवं ताजा गन्ना ही भेजे। अन्य प्रजातियों में 0238, 0118 भी लगाए। किसी भी क्रय केंद्र पर एडवांस ट्राली लेकर बिल्कुल ना आये। आपूर्ति तिथि के अनुसार ही गन्ना भेजे। अपने नाम पर ही गन्ना आपूर्ति करे। जिससे बेसिक कोटा बढ़ सके। किसानों को यह भी बताया गया कि वैज्ञानिक विधि द्वारा ही खेती करे। जिससे उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी होगी। कम से कम 500 कुंतल प्रति एकड़ उत्पादन जरूर होना चाहिए। किसानो को पम्पलेट्स भी वितरित किया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में किसान एवं पारले के अन्य अधिकारीगण सूबेदार, अमरेंद्र, नागेंद्र, शैलेन्द्र, प्रवेश कुमार सिंह, दिलीप, सूर्य, अमर, अशोक व नीरज उपस्थित रहे।