: मधुमक्खियों के हमले में युवक की मौत
Thu, Apr 18, 2024
बहराइच। खेत में गेंहू काटने गए युवक पर मधुमक्खियों के झुण्ड ने हमला कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्तें में उसकी मौत हो गई। ज्ञातव्य हो कि कोतवाली नानपारा अन्तर्गत इटहा निवासी जैस कुमार पुत्र पृथ्वीराज 45 वर्ष वृहस्पतिवार अपने खेत में गेंहू काटने गया था। तभी उस पर मधुमक्खियों के झुण्ड ने उस पर जानलेवा हमला कर दियां। आसपास खेतों में काम रहे लोगों ने दौड़कर किसी तरह उसे बचाकर अस्पताल लेकर जा रहे थे। तभी रास्तें में उसकी मौत हो गई। मौत के चलते परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के तीन लड़कियां है व पत्नी नेत्रहीन है। ऐसे में परिजनों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया।
: व्यय प्रेक्षक ने डीएम के साथ किया इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण
Thu, Apr 18, 2024
बहराइच। लोकसभा चुनाव को स्वतन्त्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्वक सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र-56 बहराइच (अ.जा.) के लिए नियुक्त व्यय प्रेक्षक टी. सेंथिल मुरूगन ने जिलाधिकारी मोनिका रानी के साथ कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक कार्यालय में स्थापित निर्वाचन नियंत्रण कक्ष एवं शिकायत सेल तथा व्यय नियंत्रण कक्ष (इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम) का निरीक्षण किया। डीएम मोनिका रानी ने व्यय अनुवीक्षण की निगरानी के लिए कन्ट्रोल रूम में की गई व्यवस्थाओं तथा तैनात की गई टीमों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, डीपीआरओ राघवेन्द्र द्विवेदी, व्यय प्रेक्षक के लाइज़न आफिसर जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे। इंटीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम के निरीक्षण के उपरान्त व्यय प्रेक्षक श्री मुरूगन ने कोषागार पहुंचकर वरिष्ठ कोषाधिकारी के कक्ष में सहायक व्यय प्रेक्षकों तथा लेखा टीम के सदस्यों के साथ बैठक कर जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी नरोत्तम शरण भी मौजूद रहे।
: क्रांति के अग्रिम नायक तात्या टोपे का बलिदान दिवस मनाया गया
Thu, Apr 18, 2024
बहराइच। स्थानीय सेनानी भवन सभागार में स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और 1857 की क्रांति के अग्रिम नायक तात्या टोपे का 165वां बलिदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में सेनानी उत्तराधिकारियों ने प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के फैलाव में उनके योगदान की चर्चा की। संगठन संरक्षक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि महाराष्ट्र में जन्मे तात्या टोपे नाना साहब के निकटतम सैन्य सहयोगी थे। संगठन के प्रदेश कार्यवाहक महामंत्री रमेश कुमार मिश्र ने कहा कि राजा मानसिंह की गद्दारी की वजह से तात्या टोपे को जनरल नेपियर से हार मिली और ब्रिटिश आर्मी ने उन्हें 07 अप्रैल 1859 को गिरफतार कर लिया। अधिवक्ता राम रूप मिश्र ने कहा कि कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व करने वाले तात्या टोपे एक उच्च कुलीन ब्राह्मण थे। अन्त में तात्या टोपे के संघर्ष से सीख लेकर और उनके विचारों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया। कार्यक्रम में अधिवक्ता राजेश बोट, शिव प्रकाश तिवारी, पवन सिंह, फैजानुद्दीन सहित तमाम देश भक्त मौजूद रहे।