नख पर गिरवर लीनो धार, नाम गिरधारी पायो रेः स्वामी रवि गिरी : भक्त और भगवान की महिमा का बखान किया गया
Kunwar Diwakar Singh
Wed, Dec 3, 2025
बहराइच। श्री सिद्धनाथ महादेव मठ मन्दिर में चल रहे एतिहासिक श्रीमद् भागवत कथा का पंचम दिवस रहा। जहाँ भक्त और भगवान दोनों की महिमा का बखान किया गया। श्री व्यास पीठ पर विराजमान श्री सिद्धनाथ पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर स्वामी रवि गिरी महाराज कहतें हैं कि अविद्या का नाम ही पूतना है जो आज लगभग सभी मनुष्यों के अंदर विराजमान है। इस अविद्या रूपी पूतना का वध कर देना चाहिए। महाराज श्री ने श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। गुरूदेव ने कहा कि भगवान ने कालिया नाग के प्रकोप से यमुना को शुद्ध किया। आज भी नादियों में प्रदूषण ही प्रदूषण हैं। हमे और आप सबको भी इस कालिया रूपी प्रदूषण का वध कर नादियों को स्वच्छ रखने का संकल्प लेना चाहिए। जिससे पर्यावरण स्वच्छ होगा। पर्यावरण के साथ-साथ सम्पूर्ण विश्व भी खुशहाल रहेगा। कथा के मुख्य यज्ञमान रही श्रीमती अर्चना पांडेय ने भगवान श्री गोवर्धन लाल की पूजा अर्चना कर उन्हें छप्पन भोग अर्पित किया। जहाँ तरह-तरह के पकवान से भगवान को भोग अर्पित किया गया। श्रोता भी मानसिक रूप से गिरिराज की परिक्रमा कर रहे थे। पूज्य व्यास जी ने बहुत ही सुंदर भाव से गोवर्धन लीला का बखान किया।
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