ईको अवेयरनेस सेंटर में सम्पन्न हुई हाथी मानव संघर्ष प्रबन्धन कार्यशाला : फसलों में बदलाव कर हाथियों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है
Kunwar Diwakar Singh
Wed, Dec 3, 2025
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग एवं डब्लूडब्लूएफ के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को कतर्नियाघाट रेंज के ईको अवेयरनेस सेंटर में आयोजित हाथी मानव संघर्ष प्रबन्धन कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए डीएफओ कतर्नियाघाट सूरज ने कार्यक्रम में उपस्थित वन, पुलिस, कृषि विज्ञान, सिंचाई, विद्युत, पशुपालन, राजस्व व अन्य विभागों के प्रतिनिधियों का आहवान किया कि हाथी संरक्षण में सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ग्रामवासियों को प्रदान करें जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव आये। डीएफओ ने कृषकों को सुझाव दिया कि फसलों में बदलाव करके हाथियों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। डीएफओ द्वारा कृषकों को सुझाव दिया गया कि हल्दी उत्पादन के साथ साथ मधुमक्खी पालन एवं मशरूम उत्पादन से भी कृषक अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें इको विकास समितियों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से आवश्यक सहयोग प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि थारू बाहुल्य ग्राम बर्दिया की महिलाओं द्वारा तैयार किये गये हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री हेतु कतर्नियाघाट पर्यटन केन्द्र में स्टाल आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि विकास विभाग से समन्वय कर क्षेत्र की अन्य इच्छुक महिलाओं को प्रशिक्षण एवं हस्तशिल्प उत्पादन में सहयोग प्रदान किया जायेगा ताकि महिलाएं स्वावलम्बी बन सकें। ग्राम प्रधानों का आहवान किया गया कि पर्यावरणीय गतिविधियों और मानव वन्यजीव संघर्ष कम करने वाले गतिविधियों को कार्ययोजना में शामिल करें। डीएमओ ने मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में सहयोग के लिए पुलिस व ग्राम प्रधानों की सराहना की तथा गज़मित्रों को सहयोग देने हेतु डब्लूडब्लूएफ व न्यूज़ संस्था के प्रयासों को सराहा। डब्लूडब्लूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने तराई हाथी रिज़र्व, हाथी संरक्षण की उपयोगिता के साथ साथ ग्रामवासियों के नुकसान को न्यून से न्यूनतम करने में विभिन्न विभागों की भूमिका के बारे में जानकारी प्रदान करने हेतु कार्यशाला आयोजन वन्य जीवन प्रभा की अनूठी पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से सभी विभागों के अधिकारी और स्थानीय समुदाय हाथी संरक्षण के लिए एकजुट हुए हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट आशीष गौड, निशानगाढ़ा के सुरेन्द्र श्रीवास्तव, सुजौली के रोहित यादव, पशु चिकित्सा अधिकारी सुजौली डॉ. विपिन बिहारी वर्मा, इको विकास समिति अध्यक्ष विशुनटांडा गंगाराम तथा डब्लूडब्लूएफ के फील्ड सहायक मंसूर अली और न्यूज संस्था के फील्ड सहायक राजा हसन सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
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